दरभंगा पूर्वी जिले में 650वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, घर-घर पहुंचेगा सामाजिक सद्भाव का संदेश संत रविदास जी के विचार समरस और सशक्त भारत के निर्माण की धुरी– विनय पासवान
दरभंगा पूर्वी जिले में 650वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, घर-घर पहुंचेगा सामाजिक सद्भाव का संदेश संत रविदास जी के विचार समरस और सशक्त भारत के निर्माण की धुरी– विनय पासवान
दरभंगा पूर्वी जिले में 650वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, घर-घर पहुंचेगा सामाजिक सद्भाव का संदेश
संत रविदास जी के विचार समरस और सशक्त भारत के निर्माण की धुरी– विनय पासवान
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं पावन जयंती को लेकर दरभंगा पूर्वी जिले में व्यापक तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य और जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से दरभंगा पूर्वी के जिला अध्यक्ष विनय पासवान ने शुक्रवार को बिरौल अनुमंडल में एक प्रेसवार्ता आयोजित की। पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विनय पासवान ने कहा कि संत रविदास जी केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता, मानवता और अखंड भाईचारे के महान प्रतीक थे। उनके द्वारा दिया गया जात-पात के फेर मंह, उरझि रहई सब लोग का संदेश आज भी समाज को एकजुट करने और भेदभाव मुक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
उन्होंने घोषणा की कि जयंती के अवसर पर दरभंगा पूर्वी जिले के सभी मंडलों में विविध सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन का हर कार्यकर्ता संत रविदास जी के प्रगतिशील विचारों और सामाजिक चेतना के संदेश को जन-जन और घर-घर तक पहुंचाने का काम करेगा।
संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलकर ही एक समरस, सशक्त और विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है। उनका दर्शन आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।
जिला अध्यक्ष विनय पासवान ने कार्यकर्ताओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि वे इस आयोजन को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर, सामाजिक चेतना का अभियान बनाएं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक संत जी के विचारों को पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रेसवार्ता के समापन पर विनय पासवान ने समस्त दरभंगा वासियों से अपील की कि वे इस पावन 650वीं जयंती को पूरे श्रद्धा, सम्मान, और आपसी भाईचारे के संकल्प के साथ मनाएं।