भ्रष्टाचार पर राजस्व विभाग का बड़ा प्रहार, दो माह में 82 अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाइ ,

म्यूटेशन में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’; मंत्री बोले- ईमानदार सुरक्षित, भ्रष्टों की नौकरी तक जाएगी

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करते हुए पिछले दो महीनों में 82 अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। विभाग ने मुंगेर के राजस्व अधिकारी अरविंद कुमार, वैशाली के राघोपुर अंचल के सीओ दीपक कुमार तथा मधुबनी की तत्कालीन सीओ वंदना कुमारी सहित कई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय आरोप पत्र भी गठित किए हैं।

विभाग ने गोपालगंज सदर, एकमा (सारण), गोह (औरंगाबाद) तथा कल्याणपुर (समस्तीपुर) के वर्तमान एवं तत्कालीन अंचल अधिकारियों पर वेतन वृद्धि रोकने जैसी प्रशासनिक एवं आर्थिक कार्रवाई भी की है।

राजस्व विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाते हुए नया निर्देश जारी किया है कि निलंबित अधिकारी अब केवल मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज कराकर नहीं बैठेंगे, बल्कि निलंबन अवधि में भी उन्हें फील्ड में कार्य करना होगा। साथ ही प्रमंडलीय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जो नियमित रूप से राज्य मुख्यालय को प्रगति रिपोर्ट भेज रहे हैं।

मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति पूरी तरह “जीरो टॉलरेंस” की है। ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को पूरा संरक्षण मिलेगा, जबकि जनता को परेशान करने वाले भ्रष्ट और कामचोर अधिकारियों के खिलाफ आवश्यकता पड़ने पर सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य भूमि सुधार एवं राजस्व सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है, ताकि किसानों और आम नागरिकों को दाखिल-खारिज सहित अन्य सेवाएं बिना रिश्वत और अनावश्यक देरी के समय पर उपलब्ध हो सकें।