कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: रैयाम-सकरी चीनी मिलें फिर चलेंगी, 75+ बुजुर्गों को घर बैठे होगी जमीन रजिस्ट्री,

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास, कृषि, जलापूर्ति, शिक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

दस्तक 7मीडिया /पटना 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार, वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे जमीन रजिस्ट्री की सुविधा, कृषि एवं सिंचाई योजनाओं के विस्तार, शहरी जलापूर्ति, शिक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी। सरकार के इस फैसले से मिथिलांचल में गन्ना किसानों, स्थानीय रोजगार और चीनी उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए बिहार निबंधन नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को अब घर बैठे ही भूमि अथवा प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 97 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं के क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई। साथ ही सभी जिलों में पक्का वर्मीकंपोस्ट, गोबर बायोगैस और व्यावसायिक वर्मीकंपोस्ट इकाइयों की स्थापना का निर्णय लिया गया। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर को वेतन एवं पेंशन भुगतान के लिए 198 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी स्वीकृत की गई।

शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए लगभग 53.71 करोड़ रुपये तथा लखीसराय जलापूर्ति परियोजना के लिए 150.96 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई।

शिक्षा एवं तकनीकी विकास के क्षेत्र में राज्य सरकार ने बिहार खेल नीति-2026 और नई बिहार सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी प्रदान की। वहीं 46 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में आधुनिक उपकरण एवं कंप्यूटर उपलब्ध कराने के लिए 60.49 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

सुरक्षा एवं न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पटना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के कार्यालय के निर्माण के लिए 57 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य में 19 विशेष अदालतों के गठन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, किसानों और वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा, जबकि शिक्षा, पेयजल और न्यायिक व्यवस्था को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।