सामुदायिक मध्यस्थता से गांवों को मुकदमेबाजी मुक्त बनाने की पहल तेज
सामुदायिक मध्यस्थता से गांवों को मुकदमेबाजी मुक्त बनाने की पहल तेज
सामुदायिक मध्यस्थता से गांवों को मुकदमेबाजी मुक्त बनाने की पहल तेज
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की ग्रामीण भारत को सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से मुकदमेबाजी मुक्त बनाने की मुहिम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) ने मंगलवार को मझिगामा गांव में जनसंपर्क अभियान चलाया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को आपसी सहमति और संवाद के जरिए छोटे-छोटे विवादों के समाधान के लिए जागरूक किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा के निर्देश पर प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी, प्रशिक्षित मध्यस्थों और अधिवक्ताओं की टीम ने ग्रामीणों से संवाद कर सामुदायिक मध्यस्थता की प्रक्रिया और इसके लाभों की जानकारी दी।
सचिव आरती कुमारी ने कहा कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर आपसी बातचीत से समाधान जरूरी है। उन्होंने कहा कि शुरुआती स्तर पर विवाद सुलझ जाने से बड़े मुकदमों और लंबे कानूनी विवादों से बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत ऐसे मामलों को, जिनका समाधान सामुदायिक मध्यस्थता से संभव है, पक्षकारों की सहमति से गांव स्तर पर ही निपटाया जाएगा। वहीं, जिन मामलों का समाधान इस प्रक्रिया से संभव नहीं होगा, उनके लिए संबंधित पक्षों को उचित कानूनी मंच पर जाने की सलाह और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अभियान में मझिगामा-नैनाघाट के मुखिया हरिभूषण प्रसाद यादव, सरपंच सतीश राय, समिति सदस्य राधेश्याम पासवान, सदर थाना के सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार सिंह, प्रशिक्षित मध्यस्थ विष्णुकांत चौधरी, अनिल कुमार, अनीता आनंद, जाकिर हुसैन, अधिवक्ता समरेंद्र मंडल, पीएलवी गोविंद कुमार साह समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, मध्यस्थ सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे।
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