कॉंग्रेस नेता के अनुपस्थित रहने के बावजूद FIR में नामजद किए जाने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग ?पुलिस पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ जमाल से पुलिस को कोई दुश्मनी नहीं ,जांचोपरांत होगी विधिवत कारवाई ?निर्दोष साबित होने पर मिल जाएगा क्लीनचिट।

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

23 जुलाई 2026 को लहेरियासराय में हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर संख्या 428/26 में जिला अध्यक्ष डॉ. जमाल हसन का नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति जताते हुए जिला पदाधिकारी, दरभंगा को एक आवेदन सौंपा गया है। आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर एफआईआर से नाम हटाने की मांग की गई है।इस बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कॉंग्रेसी नेता प्रिंस परवेज ने जानकारी दी हें।

आवेदन में कहा गया है कि 23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के समय डॉ. जमाल हसन न तो घटनास्थल पर मौजूद थे और न ही वे जिला अथवा राज्य में थे। उनका दावा है कि उन्होंने प्रदर्शन का नेतृत्व, संचालन अथवा कानून-व्यवस्था भंग करने जैसी किसी गतिविधि में कोई भूमिका नहीं निभाई। इसके बावजूद उनका नाम अभियुक्त के रूप में दर्ज कर दिया गया, जिसे तथ्यों के विपरीत और अन्यायपूर्ण बताया गया है।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोधी पक्ष या अन्य दबाव में आकर उनका नाम एफआईआर में शामिल किया गया हो सकता है। इस कारण पूरे मामले की वस्तुनिष्ठ और निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है।

जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि यदि जांच में यह प्रमाणित हो जाए कि संबंधित जिला अध्यक्ष घटना के समय उपस्थित नहीं थे, तो उनका नाम एफआईआर से हटाने की वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही, इस मामले में यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसकी भी जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आवेदन के साथ घटना के समय अनुपस्थिति से जुड़े साक्ष्य तथा अन्य संबंधित प्रमाण भी संलग्न किए गए हैं। आवेदनकर्ता ने प्रशासन से न्यायोचित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

वहीं दूसरी और पुलिस पदाधिकारियों का कहना हें कि डॉ जमाल  से पुलिस को कोई निजी दुश्मनी नहीं हें ,पुलिस जांच कर रही हें ,अगर निर्दोष होने के सबूत हें तों क्लीन चिट खुद व खुद मिल जाएगा ,वैसे पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही हें ,पुलिस का कहना हें कि  इस जांच में और भी कोई निर्दोष हें तों उसे भी राहत मिल जाएगी।वहीं पुलिस यह भी कह रही हें कि कई मामले में लोग साजिश रच देते हें और घटना के दिन या पहले अन्यत्र चले जाते हें और कहते हें कि मैं निर्दोष हूँ ,ऐसे कई घटनाओं में देखा गया हें,यह जांच का विषय हो सकता हें।