एस एच 56 पर मौत का सफर, परिवहन नियमों की खुली धज्जियां, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
एस एच 56 पर मौत का सफर, परिवहन नियमों की खुली धज्जियां, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
एस एच 56 पर मौत का सफर, परिवहन नियमों की खुली धज्जियां, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
दस्तक 7 मिडिया,बिरौल/कुशेश्वर स्थान, दरभंगा।
राज्य के महत्वपूर्ण मार्गों में शुमार एस एच 56 (बिरौल-कुशेश्वरस्थान मुख्य मार्ग) इन दिनों लापरवाह वाहन चालकों और परिवहन विभाग की उदासीनता के कारण आम जनता के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। सड़क सुरक्षा के तमाम दावों के बीच इस मुख्य मार्ग पर नियमों को ताक पर रखकर बसों और भारी वाहनों का परिचालन खुलेआम जारी है। मार्ग पर संचालित हो रही कई बसों की स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रही है। वाहनों के संचालन को लेकर परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामले में इस मार्ग पर चल रही एक बस का मुआयना करने पर गंभीर खामियां सामने आई हैं। बस के पिछले हिस्से की स्थिति ऐसी है कि यदि यह वाहन किसी दुर्घटना को अंजाम देकर फरार होने की कोशिश करे, तो पीछे चल रहे लोग या पीड़ित इसका रजिस्ट्रेशन नंबर (गाड़ी संख्या) पढ़ तक नहीं सकेंगे। तकनीकी बनावट के कारण नंबर प्लेट का स्पष्ट न दिखना सीधे तौर पर आपराधिक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने जैसा है। सड़कों पर अनियंत्रित गति और बिना फिटनेस के दौड़ने वाले इन वाहनों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनता का सवाल है कि क्या सड़क सुरक्षा की सारी जिम्मेदारी सिर्फ आम नागरिकों की है? यदि कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?
क्षेत्र में यह चर्चा आम हो गई है कि आखिर संबंधित विभाग की मंशा क्या है? जांच अभियानों के दौरान विभाग का पूरा फोकस केवल दोपहिया वाहनों (बाइक चालकों) पर ही क्यों रहता है?
नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली बसें, ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन उन पर परिवहन विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ती? क्या अन्य गाड़ियों पर कार्रवाई करने से विभाग कतरा रहा है? आम जनता और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों से सीधे तौर पर निम्नलिखित सवाल किए हैं —
1. क्या एस एच 56 पर चलने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस और कागजातों की उच्चस्तरीय जांच होगी?
2. जिन वाहनों के नंबर प्लेट स्पष्ट नहीं हैं या जिन पर नंबर ढंके हुए हैं, उन चालकों और संचालकों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है?
3. दोपहिया वाहनों के साथ-साथ क्या लापरवाह बस और ट्रक संचालकों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा? अब देखना यह होगा कि परिवहन विभाग और प्रशासन इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है।