NEET पेपर लीक के विरोध में बिहार बंद हिंसक: पटना समेत कई जिलों में बवाल, आईजी जितेंद्र राणा सहित कई पुलिसकर्मी घायल

दस्तक 7मीडिया /पटना 

NEET पेपर लीक मामले के विरोध में 25 जुलाई को बुलाए गए ‘बिहार बंद’ के दौरान राजधानी पटना सहित राज्य के कई जिलों में व्यापक हिंसा और झड़पें हुईं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर टकराव हुआ, जिसमें आईजी जितेंद्र राणा सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। कई जिलों में सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया तथा पुलिस को हालात काबू करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

पटना में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) के नेतृत्व में छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। गांधी मैदान से निकला प्रदर्शन डाक बंगला चौराहे पर पहुंचते ही उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

हिंसक भीड़ ने पुलिस के दो वाहनों को पलट दिया और कई अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे और वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों के समर्थन में पहुंचे जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गया।

बिहार बंद का असर केवल पटना तक सीमित नहीं रहा। सारण (छपरा) में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी, जिसमें सदर बीडीओ दृष्टि पाठक के सिर पर गंभीर चोट आई। सीवान में उपद्रवियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाए, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

वहीं औरंगाबाद के रमेश चौक और बेतिया के मोहर्रम चौक के पास भी प्रदर्शन हिंसक हो गया। इन स्थानों पर पुलिस पर भारी पथराव किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी घायल हो गए।