थाना परिसर या काल का साया? सांपों की आवाजाही से खौफ के साए में ड्यूटी करने को मजबूर खाकी

दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

कानून व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मी जिन परिसरों में बैठकर जनता की सुरक्षा की गारंटी देते हैं, आज वे खुद एक अदृश्य और खौफनाक खतरे के साए में जीने को मजबूर हैं। मामला जिला के बिरौल थाना परिसर का है, जो इन दिनों किसी थाने कम और ‘सांपों का सुरक्षित बसेरा’ अधिक प्रतीत हो रहा है।


इस थाना परिसर के हालात ऐसे हैं कि यहां प्रवेश करते ही हर किसी को चौकन्ना रहना पड़ता है। थाना भवन के आस-पास, कमरों के बाहर और रास्तों पर विषैले सांपों का बेखौफ विचरण आम बात हो गई है। स्थिति यह है कि यहां पदस्थापित थानेदार से लेकर अनुसंधानकर्ता, मुंशी और अन्य सभी पुलिसकर्मी हर पल एक अनजाने भय के साए में रहते हैं। कब किस कोने से कोई जहरीला जीव निकल आए, यह किसी को नहीं पता।
इस गंभीर समस्या की मुख्य जड़ थाना परिसर में फैली बड़ी मात्रा में झाड़ियां और अनियंत्रित जंगलनुमा हरियाली है। परिसर की साफ-सफाई के अभाव में उगी इन झाड़ियों ने सांपों के लिए आदर्श प्रजनन और छिपने की जगह तैयार कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस जंगल को काटकर परिसर को साफ नहीं किया गया, तो स्थिति हाथ से निकल सकती है।
राहत की बस इतनी सी बात है कि अभी तक किसी बड़े हादसे या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है, और इसे केवल भगवान की कृपा ही कहा जाएगा। लेकिन, महकमे के भरोसे और कुदरत के रहमो-करम पर सुरक्षा को ज्यादा दिनों तक नहीं छोड़ा जा सकता है। खाकी वर्दी पहनने वाले इन जवानों की सुरक्षा सर्वोपरि है। समय रहते जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस ओर गंभीर कदम उठाते हुए थाना परिसर के अलावा उसके आस पास के अन्य कार्यालय परिसर की साफ-सफाई करानी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना के घटने से पहले इस गंभीर खतरे को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके।