पशु-पक्षियों पर क्रूरता रोकना समाज की जिम्मेदारी, कानून का करें पालन : सुजीत चौधरी,

जिला विधिक सेवा प्राधिकार में जागरूकता कार्यक्रम, पारा विधिक स्वयंसेवकों, अधिवक्ताओं और कर्मियों को बताए गए पशु संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधान

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के सभा कक्ष में शुक्रवार को पशु-पक्षियों के संरक्षण, उनके संवैधानिक अधिकारों और पशु क्रूरता रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज सुधारक, पर्यावरण एवं जीव-जंतु संरक्षण कार्यकर्ता सुजीत कुमार चौधरी ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए पशुओं के प्रति संवेदनशीलता अपनाने और संबंधित कानूनों का कड़ाई से पालन कराने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सदर अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए सौ से अधिक पारा विधिक स्वयंसेवकों, जिला विधिक सेवा प्राधिकार में सूचीबद्ध अधिवक्ताओं तथा कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान सुजीत चौधरी ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960, बिहार पशु संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 4 तथा पशु क्रूरता निवारण समिति नियम, 2001 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि किसी भी पशु या पक्षी को मारना-पीटना, प्रताड़ित करना या अनावश्यक कष्ट पहुंचाना कानूनन अपराध और क्रूरता की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पशुओं के लिए पांच मूलभूत स्वतंत्रताओं को मान्यता दी है, जिनमें भूख और प्यास से मुक्ति, दर्द, चोट एवं बीमारी से सुरक्षा, भय और तनाव से मुक्ति, स्वाभाविक व्यवहार की स्वतंत्रता तथा स्वतंत्र वातावरण में रहने का अधिकार शामिल है।

कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने भी विभिन्न कानूनी पहलुओं पर प्रश्न पूछे। अवैध रूप से पशु-पक्षियों के वध पर रोक संबंधी प्रश्न के उत्तर में सुजीत चौधरी ने कहा कि जहां भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियां हो रही हों, वहां की सूचना स्थानीय प्रशासन, विधायक, सांसद एवं संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप से दें, ताकि प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने आकस्मिक सहायता के लिए अपने संपर्क नंबर भी साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव एवं अवर न्यायाधीश सुश्री आरती कुमारी ने अतिथियों का स्वागत कर किया। उन्होंने पशु-पक्षियों पर हो रही क्रूरता रोकने तथा उनके संरक्षण के लिए कानूनी जागरूकता और न्यायसंगत कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा के मार्गदर्शन और निर्देशन में इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि समाज में कानून के प्रति जागरूकता बढ़े और पशु-पक्षियों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।