जम्मू -कश्मीर की तरह नाबालिगों को आगे रखकर बरसाए गये ईंट और पत्थर ,नाबालिगों की आड़ में किसने कराया पथराव ,आखिर साजिशकर्ता कौन ?? ,पुलिस की पैनी नजर से खुलेगा राज ??

दस्तक 7मीडिया,दरभंगा  /संजय कुमार राय 

नीट पेपर लीक के खिलाफ गुरुवार को शहर में छात्रों के प्रदर्शन के समापन के बाद लोहिया चौक पर नाबालिग और बालिग लड़कों के द्वारा की गई रोड़ेबाजी को लेकर कई सवाल उठने शुरू हो गये हे ,सवाल यही कि रोड़ेबाजी करने वाले वास्तविक  में छात्र थे ,या फिर जम्मू -काश्मीर की तरह रोड़ेबाजी करने वाले नावालिग किसी खडयंत्र का हिस्सा तों नहीं ?वजह कोई भी हो लेकिन यह तों लोहिया चौक पर स्पष्ट देखने को मिला।दरभंगा की पुलिस इस प्रदर्शन को लेकर सतर्क और तैयार जरूर थीं ,लेकिन पुलिस की मंशा यह कतई नहीं था कि दरभंगा जैसे शांतप्रिय और भाईचारे के बीच पुलिसिया कारवाई या पुलिस की लाठी -डंडे चले ?लेकिन लोहिया चौक पर बालिग और नाबालिग उपद्रवी लड़कों ने अचानक पुलिस पर पथराव कर जो कुछ किया ,वह कोई पढ़ने वाला छात्र तों कतई नहीं कर सकता ? और पुलिस को लाठी भांजनी पड़ी ,इस दौरान कई पुलिस पदाधिकारी /पुलिस कर्मी के साथ साथ कई पत्रकार को भी रोड़े लगे ,बावजूद पुलिस संयम बरत रही थीं ,लेकिन ऐसे उपद्रवियों ने कुछ घंटे बीतने के बाद फिर से रोड़े बरसाने लगे और पुलिस को कारवाई के लिये मजबूर होना पड़ा।

अब तक करीब 31-32 लड़कों को पुलिस ने हिरासत में लिया हे वहीं उपद्रव मचाने वाले पांच दर्जन के करीब युवकों को पुलिस ने चिन्हित किया हे।

जो हिरासत में लिये गये हे उसमें डेढ़ दर्जन के करीब नावालिग हे,जिन्हें आगे रखकर रोड़े पत्थर बरसाए गये हे ,और पीछे से कई बालिग भी इस घटना को अंजाम दें रहे हे।

डिप्टी मेयर सह कॉंग्रेसी नेता नाजिया हसन की मुश्किलें अब बढ़ गई हे ,क्यूंकि इस प्रदर्शन के लिये उन्होंने अनुमति की मांग की थीं ,लेकिन प्रदर्शन में सम्मिलित होकर आयें उन उपद्रवियों को वह नहीं पहचान सकी ,जो इस तरह की मंशा पालकर आयें थे ?सूत्रों का कहना हे कि इस घटना को लेकर डिप्टी मेयर समेत कई दर्जन लोंगों पर प्राथमिकी दर्ज हो गई हे ?लेकिन किसी पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की हे,हालांकि डिप्टी मेयर नाजिया हसन कहती हे कि हमारा विरोध शांतिपूर्ण तरीके से डीएम कार्यालय के समीप समाप्त हो गया था।मुन्ना खां ने भी यही कहा ?

अब सवाल उठता हे कि नावालिग /बालिग के वेश में ये उपद्रवी कहां से आयें ?जिलाधिकारी ,डीआईजी ,एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि दोषी कोई भी बख्शे नहीं जाएंगे ,पुलिस सीसीटीवी समेत वीडियो फुटेज खंगाल रही हे ,इसमें उपद्रवियों की संख्या बल बढ़ सकती हे ?

कई संगठनों द्वारा नीट छात्रों के पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किये जाने की चर्चा हे , इन प्रदर्शनकारियों द्वारा अगर अनुमति जिला प्रशासन ली गई हे ,तों वैसे लोंगों को सावधान होने की जरूरत हे जिनके आवेदन पर अनुमति मिली हे ,उन्हें काफी संभलकर और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की जरूरत हे ,अगर उनके इस प्रदर्शन में कुछ शरारती तत्व घुस गये और पहचान नहीं पाएं ,तों फिर पुलिसिया कारवाई से आपको  कोई बचा नहीं सकता हे ,हाँ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना और साथ आयें लोंगों को साथ लेकर जाना भी आपकी जवाबदेही हे ,ताकि कोई अप्रिय घटना नहीं हो ?