कुशेश्वर स्थान आदर्श थाना भवन निर्माण में लेट-लतीफी तीन साल बाद भी अपुर्ण है काम, विभाग की सुस्ती पर उठ रहे सवाल
कुशेश्वर स्थान आदर्श थाना भवन निर्माण में लेट-लतीफी तीन साल बाद भी अपुर्ण है काम, विभाग की सुस्ती पर उठ रहे सवाल
कुशेश्वर स्थान आदर्श थाना भवन निर्माण में लेट-लतीफी तीन साल बाद भी अपुर्ण है काम, विभाग की सुस्ती पर उठ रहे सवाल
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
बिहार सरकार के लाख दावों के बावजूद सरकारी योजनाओं की सुस्त रफ्तार किस तरह विकास कार्यों पर ग्रहण लगाती है, इसकी बानगी कुशेश्वर स्थान में साफ तौर पर देखने को मिल रही है। क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित कुशेश्वर स्थान आदर्श थाना भवन का निर्माण कार्य अपनी सुस्त रफ्तार के कारण भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। शिलान्यास के इतने लंबे अरसा बीत जाने के बावजूद भवन का निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
कुशेश्वर स्थान को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के उद्देश्य से इस आदर्श थाना भवन के निर्माण की आधारशिला 04 मई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा रखी गई थी। उस वक्त क्षेत्र के लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि जल्द ही उन्हें एक नया और आधुनिक पुलिस थाना भवन मिलेगा, जिससे कानून-व्यवस्था के संचालन और जनशिकायतों के त्वरित निपटारे में मदद मिलेगी। लेकिन शिलान्यास का यह जश्न महज कागजी और शिलान्यास पट्ट तक ही सिमट कर रह गया।
निर्माण स्थल पर मौजूद प्रतिनिधि/कर्मी अभिषेक कुमार के अनुसार, इस विलंब के पीछे पूरी तरह से बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की सुस्ती और लचर कार्यशैली जिम्मेदार है। अगर विभाग ने शुरू से ही इसमें रुचि दिखाई होती और समयबद्ध मॉनिटरिंग की होती, तो कुशेश्वर स्थान आदर्श थाना भवन का निर्माण कार्य काफी पहले ही पूरा हो चुका होता।
हालांकि, वर्तमान में कार्य अंतिम चरण में जरूर पहुंच गया है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण तय समयसीमा से यह प्रोजेक्ट बहुत पीछे छूट चुका है।
भले ही निर्माण कार्य अंतिम दौर में होने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों का मानना है कि भवन को पूरी तरह से तैयार होने और हैंडओवर मिलने में अभी कम से कम 3 से 4 महीने का समय और लग सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब राज्य के मुखिया स्तर के प्रोजेक्ट्स का यह हाल है, तो आम विकास योजनाओं की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जनता ने संबंधित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की सुस्ती की जांच की जाए और जल्द से जल्द थाना भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराकर इसे जनता को समर्पित किया जाए, ताकि पुलिसकर्मियों और फरियादियों को हो रही परेशानियों से निजात मिल सके।