15 अगस्त तक 54 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य, टीबी मरीजों के बीच बांटी गई पोषण किट
15 अगस्त तक 54 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य, टीबी मरीजों के बीच बांटी गई पोषण किट
15 अगस्त तक 54 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य, टीबी मरीजों के बीच बांटी गई पोषण किट
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
टीबी भारत मुक्ति अभियान को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिला स्तरीय पोषण किट (फूड बास्केट) वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में चिन्हित टीबी मरीजों के बीच पोषण किट वितरित की गई तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में चल रहे अभियान की समीक्षा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मरीजों को बेहतर उपचार के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फूड बास्केट वितरित किए जा रहे हैं, ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और इलाज का बेहतर परिणाम मिल सके।
उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से उपलब्ध कराए गए 100 फूड बास्केट का वितरण किया गया है। साथ ही सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं विभिन्न बैंकों के सहयोग से और अधिक पोषण किट उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक टीबी मरीजों को लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में टीबी की पहचान के लिए बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक करीब 2 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसके आधार पर 13 हजार टीबी मरीजों की पहचान हुई है। सभी मरीजों का नियमित इलाज स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले की 54 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया है और 15 अगस्त तक इन्हें टीबी मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
डीएम ने यह भी जानकारी दी कि सरकार की ओर से टीबी मरीजों को मिलने वाली पोषण सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। अब तक 5,400 मरीजों के खातों में राशि हस्तांतरित की जा चुकी है, जबकि शेष लाभार्थियों को भी जल्द राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, एनसीडीओ सत्येंद्र प्रसाद, डीपीएम (स्वास्थ्य) प्रभात कुमार राजू, डीसीएम रवि कुमार तथा रेड क्रॉस सोसाइटी के चिकित्सक, प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।