राशन लेकर लौट रहे 26 वर्षीय युवक कोशी नदी में डूबने से लापता, एनडीआरएफ कर रही शव की तलाश,

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बोले—पुल निर्माण में देरी से हर साल जा रही लोगों की जान

दस्तक 7 मिडिया, किरतपुर, दरभंगा।

कोशी नदी पर सुरक्षित आवागमन की समुचित व्यवस्था नहीं होने का खामियाजा एक और परिवार को भुगतना पड़ा। किरतपुर प्रखंड क्षेत्र में रविवार देर शाम कोशी नदी में डूबने से 26 वर्षीय युवक लापता हो गया। घटना के बाद से एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम शव की तलाश में जुटी है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में प्रशासन और सरकार के प्रति आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। लापता व्यक्ति की पहचान नरेश सदा (26), पिता पवन सदा, निवासी ग्राम सिरनिया, वार्ड-07, पंचायत झगरूआ तरवारा, किरतपुर के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि नरेश रविवार को परिवार के लिए राशन खरीदने किरतपुर हाट गए थे। लौटने के दौरान शौच के लिए नदी किनारे गए, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में समा गए। देखते ही देखते वे लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही समाजसेवी राकेश कुमार सिरनिया ने जमालपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और किरतपुर अंचलाधिकारी प्रशांत कुमार को इसकी जानकारी दी। प्रभारी अंचलाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि देर रात सूचना मिलने के बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग को अवगत कराया गया, जिसके बाद सोमवार सुबह एनडीआरएफ की टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया। जमालपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि सुबह से एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार नदी में तलाशी अभियान चला रही है। हालांकि कोशी नदी में जलस्तर अधिक होने और तेज बहाव के कारण अब तक शव बरामद नहीं हो सका है। सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भी सामने आया है। समाजसेवी राकेश कुमार ने कहा कि कोशी नदी पर पुल नहीं होने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के अभाव में हर वर्ष लोगों की जान जा रही है। उन्होंने सरकार से पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग करते हुए कहा कि इससे कोशी क्षेत्र के लाखों लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
वहीं ग्रामीण मिथिलेश सदा, बदलू सदा समेत अन्य लोगों ने कहा कि आखिर कब तक कोशी नदी लोगों की जान लेती रहेगी। उन्होंने प्रशासन और सरकार से स्थायी समाधान निकालने तथा पुल निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और गम का माहौल बना हुआ है।