हनुमाननगर में आदर्श विद्यालय का शुभारंभ, ग्रामीण छात्रों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा की सुविधा

हनुमाननगर (दरभंगा), संवाददाता।

बिहार सरकार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल के तहत हनुमाननगर प्रखंड के सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) प्लस टू राजकीय उच्च विद्यालय, कोलहंटा पटोरी का रविवार को ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से वर्चुअल माध्यम से विद्यालय का उद्घाटन किया। स्थानीय स्तर पर आयोजित समारोह का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक सह निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से मंत्री मदन सहनी, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्या सागर ठाकुर तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह को पाग एवं चादर भेंटकर सम्मानित किया गया। साथ ही क्षेत्र में आदर्श विद्यालय की स्थापना कराने के लिए उनका आभार व्यक्त किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री मदन सहनी ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय स्थापित कर रही है। इन विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूर-दराज के विद्यार्थियों को शहरों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए पलायन नहीं करना पड़े।

उन्होंने बताया कि आदर्श विद्यालयों में आधुनिक स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं तथा प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विद्यालयों में भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, अनुशासन और संस्कार आधारित शिक्षण पर विशेष बल दिया जाएगा। विद्यालय का संचालन सरकार करेगी तथा नामांकन सरकारी नियमों के अनुरूप होगा।

मंत्री ने विश्वास जताया कि इस पहल से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा का अवसर मिलेगा और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान मिलेगी।

इस अवसर पर मुखिया माधुरी कुमारी, जदयू नेत्री श्याम रेखा मिश्रा, शशिकांत प्रसाद, धीरज कुमार वंशी, राधेश चौधरी, नवीन कुमार चौधरी, पूर्व मुखिया राम एकवाल चौधरी, चितरंजन चौधरी, राम ललित चौधरी, विद्यालय संचालन प्रभारी आलोक कुमार, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।