दरभंगा जिला के बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डरहार गांव में बाल काटने वाले चोर की रहस्यमयी घटनाओं से गांव सहित इलाके में तरह तरह की चर्चाएं  ,पुलिस कर रही हे जांच ?किधर से आया था चोर और किधर भागा ?पुलिस और डरहार गांव के लिये ही बड़ा प्रश्न ?????

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के दो घरों में महिलाएं /लड़की के बाल काटने को लेकर पुलिस पेशों पेश में हे ,हालांकि पुलिस कई बिंदुओं से मामले की जांच कर रही हे ,जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन घटनाओं के पीछे चोरी ,शरारत ,प्रेम -प्रसंग या जमीन विवाद सुलझाने या फिर किसी व्यक्ति की शातिराना अंदाज में साजिश तो नहीं हे ?

डरहार गांव में हुई दोनों घटनाओं में काले रंग के कपड़े पहने संदिग्ध व्यक्ति और बाल काटे जाने की बात समान होने के कारण पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही हे , रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज में घटना के समय किसी भी संदिग्ध की कोई तस्वीर नहीं आई हे ,जिससे जांच और चुनौती पूर्ण हो गई हे ,यही नहीं घटना के समय फूल तोड़ रहे एक व्यक्ति ने कहा कि वह काफी देर से यहां फूल तोड़ रहे हे और कोई भी व्यक्ति इस रास्ते से ना हीं गुजरा हे ,और ना ही भागा हे ,घटना स्थल से दूसरे गली में जो करिश्मा के घर की तरफ जाती हे ,वह तो काफी घनी आबादी वाला घर हे ,इस आबादी के बीच किसी चोर का गुजरना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हे।

वह भी तब जब लड़की और उसके परिजनों के द्वारा हल्ला किया जा रहा हे ?यही नहीं जिस बलकटवा चोर की बात कही जा रही हे अगर उसे सिर्फ बाल ही काटना था तो बाल काटने का हथियार चोर खुद लाता लेकिन ऐसा भी नहीं हुआ हे ,दोनों घरों में हुई इस घटना में चाकू /कैंची भी उसी परिवार का हे ,अगर कैंची /चाकू से बाहरी लोग आकर बाल काटते तो उसपर उसके अंगुली के निशान होते ?यही नहीं चोरी करने के नीयत से आते तो समान लूटकर जाते ?कई ऐसे प्रश्न हे जो लोंगों को पच नहीं रहे हे ?आखिर ऐसी कौन सी बात हे ,जिसके लिये पटकथा लिखी जा रही हे ,या फिर  अगर घटना घटी हे तो कोई भी ऐसी बात सबूत के तौर पर पुलिस के सामने नहीं आ रही हे ,ऐसे में जानकारों का कहना हे कि पुलिस को करिश्मा /उक्त बच्ची से पूछताछ उसके घर में नहीं ,अगर थाने लाकर पूछताछ की जाय तो इस घटना की सच्चाई बाहर आ सकती हे या फिर इस घटना में संलिप्त अपराधियों तक पहुंचने का सुराग मिल सकता हे।थानाध्यक्ष से पूछने पर कहा कि इस मामले में कई तरीकों से अनुसंधान किया जा रहा हे और पुलिस घटना को सही मानकर उसी दिशा में काम कर रही हे ?

दोनों घटना क्रम में ऐसे कई बिंदु हे जिसपर सवाल उठना लाजमी हे ,डरहार जैसे गांव में भरी आबादी के बीच चोरों का काले ड्रेस में आना और बाल काटकर फेंक देना ,फिर वहां से भाग जाना संभव नहीं लगता क्यूंकि डरहार गांव के युवक ही ऐसे चोरों से निपटने में सक्षम हे ?और किसकी मजाल जो इस गांव में घुसने का हिम्मत कर दें वह भी काले ड्रेस में ??बावजूद पुलिस सभी एंगल से मामले को कुरेदकर घटना में शामिल चोर तक पहुंचना चाहती हे अनुसंधान जारी हे ,अनुसंधानकर्ता मनीषा कुमारी बारीकी से हर बिंदुओं पर नजर गड़ाए हुई हे।