संभावित बाढ़-सुखाड़ से निपटने की तैयारी तेज, डीएम ने दिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश, तटबंधों की निगरानी, नाव, पॉलीथिन शीट, राहत केंद्र और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
संभावित बाढ़-सुखाड़ से निपटने की तैयारी तेज, डीएम ने दिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश, तटबंधों की निगरानी, नाव, पॉलीथिन शीट, राहत केंद्र और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
संभावित बाढ़-सुखाड़ से निपटने की तैयारी तेज, डीएम ने दिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश,
तटबंधों की निगरानी, नाव, पॉलीथिन शीट, राहत केंद्र और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शनिवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। डीएम ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
बैठक में जल संसाधन विभाग के अभियंताओं से तटबंधों की स्थिति, संवेदनशील स्थलों और सुरक्षा उपायों की जानकारी ली गई। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और कटाव या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। विशेष रूप से वर्षा के दौरान रेनकट वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया।
आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि सभी संबंधित अंचलों में पॉलीथिन शीट भेज दी गई हैं। इस पर डीएम ने अंचलाधिकारियों को शीघ्र सत्यापन कर सुरक्षित भंडारण एवं जरूरत पड़ने पर तत्काल वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, गौड़ाबौराम, किरतपुर और घनश्यामपुर अंचलों में 1500 से 2000 पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि निजी नाव मालिकों के साथ पहले ही एकरारनामा किया जा चुका है। डीएम ने संभावित बाढ़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता बनाए रखने तथा नाविकों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नाव पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी।
जिले में चिन्हित 13 बाढ़ आश्रय स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर वहां पेयजल, शौचालय, बिजली, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही पशु चारा, जीवन रक्षक दवाओं के भंडारण और आपदा में मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि के समयबद्ध भुगतान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्वप्निल, अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, अपर समाहर्ता सह प्रभारी आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।