दरभंगा के लिए भू-स्थानिक सूचना प्रणाली आधारित मास्टर प्लान-2045 पर मंथन, समग्र विकास के लिए मिले अहम सुझाव

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित मास्टर प्लान (प्रारूप मास्टर प्लान) के पाँचवें चरण की समीक्षा एवं सुझाव बैठक शनिवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में आयुक्त सह दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के अध्यक्ष हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

बैठक में सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर, विधायक मुरारी मोहन झा, विधायक राजेश कुमार मंडल, महापौर अंजुम आरा, उप महापौर नाजिया हसन, जिलाधिकारी कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला, नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित पक्ष उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि बिहार शहरी आयोजना एवं विकास नियमावली-2014 के तहत अगले 20 वर्षों से अधिक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दरभंगा नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के संतुलित और सुनियोजित विकास के लिए भू-स्थानिक सूचना प्रणाली आधारित मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2019 में दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र की अधिसूचना जारी की गई थी और योजना तैयार करने का कार्य टेकमेक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि जिला आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 191.11 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें पाँच प्रखंड, 186 राजस्व ग्राम तथा एक नगर निकाय (दरभंगा नगर निगम) शामिल हैं। कुल आबादी 6.13 लाख से अधिक है।

बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित मिथिला हरित क्षेत्र उपग्रह नगर का कुल क्षेत्रफल लगभग 17,400 एकड़ होगा, जिसमें 102 राजस्व ग्राम शामिल किए गए हैं। इसका मुख्य क्षेत्र लगभग 1,600 एकड़ निर्धारित किया गया है।

आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने कहा कि दरभंगा के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक महत्व को देखते हुए वैज्ञानिक एवं दूरदर्शी विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार को ध्यान में रखते हुए सड़क, सार्वजनिक परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज, आवास, हरित क्षेत्र, औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा।

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए। उप महापौर नाजिया हसन ने नगर निगम क्षेत्र के विस्तार की मांग की, जबकि महापौर अंजुम आरा ने नगर निगम को सभी परियोजनाओं की जानकारी देने पर जोर दिया। विधायक मुरारी मोहन झा ने आयोजना क्षेत्र के विस्तार तथा विधायक राजेश कुमार मंडल ने बेहतर सड़क और यातायात व्यवस्था पर बल दिया।

सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने मास्टर प्लान-2045 की सराहना करते हुए कहा कि यह दरभंगा के भविष्य के विकास की मजबूत आधारशिला बनेगा। उन्होंने मेडिकल सिटी, एयरपोर्ट विस्तार, बहु-माध्यम परिवहन केंद्र, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार गलियारा, मखाना प्रसंस्करण एवं निर्यात केंद्र, विरासत एवं पर्यटन परिपथ, आधुनिक उपग्रह नगर, रिंग रोड, छह लेन गतिशीलता गलियारा, राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र, खेल नगरी तथा मिथिला संस्कृति केंद्र जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मास्टर प्लान में शामिल करने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने दरभंगा को “मिथिला और नेपाल का प्रवेश द्वार” के रूप में विकसित करने की दीर्घकालिक रणनीति अपनाने पर जोर दिया।

बैठक के अंत में सभी विभागों और संबंधित पक्षों से प्राप्त सुझावों के आधार पर भू-स्थानिक सूचना प्रणाली आधारित प्रारूप मास्टर प्लान को और अधिक व्यवहारिक, समावेशी एवं भविष्य उन्मुख बनाने पर सहमति बनी। नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन किया।