शराब की खोज के लिए दरभंगा उत्पाद विभाग में डॉग की तैनाती,अब नहीं बच पाएंगे शराब माफिया : सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार

दस्तक 7 मीडिया,दरभंगा /गुड्डू राज 

दरभंगा में शराब तस्करों और कारोबारियों पर शिकंजा कसने के लिए उत्पाद विभाग ने नई पहल की है। अब विभाग की छापेमारी टीम के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग भी रहेगा,जो सूंघकर छिपाई गई शराब का आसानी से पता लगाएगा।

इससे उन जगहों पर भी शराब बरामद की जा सकेगी,जहां पहले तस्कर शराब छिपाने में सफल हो जाते थे। उत्पाद विभाग के अनुसार मुख्यालय की ओर से एक प्रशिक्षित डॉग को दरभंगा भेजा गया है। डॉग के साथ एक हैंडलर (देखभाल करने वाला भी तैनात किया गया है। इस हैंडलर की जिम्मेदारी छापेमारी के दौरान डॉग को साथ लेकर जाना और उसकी मदद से शराब की खोज कराना है।


दरभंगा उत्पाद सहायक आयुक्त मधनिषेध प्रदीप कुमार ने बताया कि अब विभाग की हर महत्वपूर्ण रेड में डॉग स्क्वॉड का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार शराब कारोबारी घरों,गोदामों,खेतों,वाहनों या अन्य गुप्त स्थानों पर शराब छिपा देते हैं,जिससे उसे ढूंढने में काफी परेशानी होती है। लेकिन प्रशिक्षित डॉग अपनी सूंघने की क्षमता से ऐसे छिपे हुए ठिकानों का भी आसानी से पता लगा लेगा। उन्होंने कहा कि डॉग स्क्वॉड के आने से शराब माफियाओं के लिए अवैध शराब छिपाना अब आसान नहीं होगा। विभाग को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से शराब बरामदगी की संख्या बढ़ेगी और अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई और अधिक तेज और सफल होगी। उत्पाद विभाग का कहना है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार नई तकनीक और आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में डॉग स्क्वॉड की तैनाती एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग ने साफ किया है कि अब शराब माफियाओं की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब दरभंगा में होने वाली छापेमारी के दौरान प्रशिक्षित डॉग भी टीम का हिस्सा होगा,जो सूंघकर छिपाई गई शराब का पता लगाएगा। इससे उत्पाद विभाग की कार्रवाई और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है तथा शराब तस्करों के लिए बच निकलना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो जाएगा।