दरभंगा के दोनार की दुर्दशा, सत्ता के गलियारों के पास ही ‘नर्क’ जैसा हाल

दस्तक 7 मिडिया,उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

दरभंगा जिला मुख्यालय का दोनार इलाका, जो प्रशासनिक शक्ति का केंद्र माना जाता है, इस समय नारकीय स्थिति से जूझ रहा है। बारिश का अभी केवल शुरुआती दौर है, लेकिन यहां एस एच 56 की सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है। विडंबना यह है कि जहां से आम जनता गुजरने में अपनी जान जोखिम में डाल रही है, उसी क्षेत्र में प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, डीडीसी, एसएसपी, डीआईजी और पथ निर्माण विभाग जैसे तमाम महत्वपूर्ण कार्यालय स्थित हैं। जिला के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारी इसी क्षेत्र में बैठते हैं, फिर भी सड़कों की दुर्दशा पर किसी की नजर नहीं है।
बारिश का अभी महज आगाज हुआ है। सावन और भादो के मुख्य महीने अभी बाकी हैं, जिनमें जल-जमाव और कीचड़ का स्तर और भी भयावह हो सकता है। यह क्षेत्र न केवल अधिकारियों के कार्यालयों का केंद्र है, बल्कि यहां भारी संख्या में आम लोग, छात्र और बीमार मरीज भी इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। जल-जमाव और गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासनिक मुख्यालय के नाक के नीचे चल रही इस अव्यवस्था को क्या कोई देखने वाला नहीं है? लोगों का मानना है कि यदि अधिकारी वीआईपी गाड़ियों से गुजरने के बजाय कभी खुद इस सड़क पर पैदल या सामान्य तरीके से चलें, तो उन्हें हकीकत का अंदाजा होगा।
फिलहाल, स्थिति यह है कि जनता इस नारकीय जीवन को जीने को मजबूर है, जबकि प्रशासनिक तंत्र मूकदर्शक बना हुआ है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस खबर को संज्ञान में लेकर उन सड़कों की मरम्मत और जल निकासी के लिए कोई ठोस कदम उठाता है, या फिर यह स्थिति सावन-भादो में और भी विकराल रूप धारण कर लेगी?