बिरौल-गंडौल मार्ग पर एसडीपीओ के हस्तक्षेप के बाद जाम समाप्त,शव पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच रवाना

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल दरभंगा।

बिरौल-गंडौल मुख्य मार्ग पर हुई एक भीषण दुर्घटना के बाद उपजे विवाद और चार घंटे के तनावपूर्ण माहौल का पटाक्षेप हो गया है। थाना क्षेत्र की सीमाओं के विवाद में फंसी बिरौल पुलिस ने अंततः कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच, दरभंगा भेज दिया है। दुर्घटना के बाद बड़गांव और बिरौल थाना क्षेत्र की सीमा को लेकर कुछ समय तक गतिरोध बना रहा। स्थानीय ग्रामीणों ने राज्य मार्ग संख्या (SH-17) को पूरी तरह से जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। ग्रामीणों ने सड़क क्रॉसिंग के निकट ब्रेकर का निर्माण सहित कई मांग कर रहे थे।
जाम की सूचना मिलते ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आनन-फानन में कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान बिरौल से चंद्रमणि, घनश्यामपुर से आलोक कुमार, जमालपुर से मुकेश कुमार और बड़गांव से विनीता कुमारी,अंचल पुलिस निरीक्षक महफूज आलम सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल पर डटे रहे। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित भीड़ के साथ संवाद स्थापित किया और उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। एसडीपीओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब चार घंटे बाद जाम हटा लिया, जिसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि दुर्घटना का स्थान बिरौल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। उन्होंने ग्रामीणों को त्वरित न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए। इधर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के निर्देश पर बिरौल पुलिस ने बीआर 07 जी सी 8654 नम्बर की पीकअप को चिन्हित कर लिया है। जो घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के दोहथा निवासी विनोद कुमार साहू पिता कामदेव साहू के नाम से है। जिसे ढुढने में पुलिस जुट गई है।