जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देकर समाज को दिया सकारात्मक संदेश

दस्तक 7 मिडिया, गुरु ग्राम

समर वेकेशन के दौरान एसआरएम विश्वविद्यालय, चेन्नई के छात्रों ने अपनी छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए एक प्रेरणादायक सामाजिक पहल की। इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र संचित जायसवाल, शौर्य श्रीवास्तव एवं जागृति दहिया ने जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अभियान के तहत विद्यार्थियों ने नियमित रूप तीन हफ्ते बच्चों को गणित, विज्ञान, अंग्रेज़ी एवं सामान्य ज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई “डीएलएफ एंगेज स्वयंसेवा कार्यक्रम” के तत्वावधान में बगिया एजुकेशन स्कूल में प्रतिदिन जाकर बच्चों को पढ़ाया। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को अनुशासन, स्वच्छता, नैतिक मूल्यों तथा शिक्षा के महत्व के प्रति भी जागरूक किया। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस पहल में भाग लिया और इसे अपने भविष्य के लिए लाभदायक बताया। छात्रों सामूहिक रूप से कहा कि समाज के प्रति योगदान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ज्ञान, समय और कौशल का उपयोग कर किसी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी सच्चा श्रमदान है। उनका मानना है कि यदि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी छुट्टियों का कुछ समय समाज सेवा के लिए समर्पित करे, तो अनेक जरूरतमंद बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। इस सामाजिक पहल की स्कूल के प्राचार्य बासुरी उपाध्याय सहित संजीव अरोड़ा, स्वाती, आनंद कुमार, मुरारी शर्मा, राजकुमार सैनी, एवं अभिभावक इं आर के जायसवाल (समाजसेवी) आदि ने सराहना करते हुए संयुक्त रूप से कहा कि ऐसे प्रयास समाज में शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने अन्य युवाओं से भी इस प्रकार के जनहितकारी अभियानों से जुड़ने का आह्वान किया। एसआरएम विश्वविद्यालय के छात्र एवं छात्रा की यह पहल यह संदेश देती है कि युवा शक्ति यदि शिक्षा और समाज सेवा के लिए आगे आए, तो एक शिक्षित, सशक्त और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है ।