बिरौल अवर निबंधन कार्यालय, अपनी जमीन और भवन की बाट जोहता प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार
बिरौल अवर निबंधन कार्यालय, अपनी जमीन और भवन की बाट जोहता प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार
बिरौल अवर निबंधन कार्यालय, अपनी जमीन और भवन की बाट जोहता प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडल का अवर निबंधन कार्यालय आज भी अपनी पहचान और स्थायी ठिकाने के लिए संघर्ष कर रहा है। वर्ष 2021 में बिरौल-कुशेश्वरस्थान (SH-56) मुख्य मार्ग के किनारे आनन-फानन में शुरू किए गए इस कार्यालय की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव और कार्यालय के लिए अपने भवन न होने के कारण यहां रोजाना आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक ओर जहां निबंधन कार्यालय को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अंचल प्रशासन की उदासीनता इस विकास कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। जमीन की उपलब्धता और भवन निर्माण के मामले में स्थानीय प्रशासन की सुस्ती के कारण यह महत्वपूर्ण कार्यालय आज भी अस्थाई और तंग परिसरों में संचालित होने को मजबूर है, जिससे न केवल निबंधन कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है।
इस कार्यालय के इतिहास पर नजर डालें तो इसे बहेड़ा से बिरौल स्थानांतरित करने में गौड़ा बौराम के पूर्व विधायक और वर्तमान में निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी की भूमिका निर्णायक रही थी। अब जब संयोगवश मदन सहनी स्वयं इसी विभाग के मुखिया हैं, तो बिरौल वासियों की उम्मीदें परवान चढ़ गई हैं।
क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि जिस कार्यालय की नींव उन्होंने अपने प्रयासों से रखी थी, उसे सुसज्जित और स्थायी भवन दिलाने का संकल्प भी वे जल्द पूरा करेंगे। निबंधन कराने आने वाले लोगों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने विभागीय मंत्री मदन सहनी,क्षेत्रिय
विधायक सुजित कुमार और विधायक अतिरेक कुमार से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि कार्यालय को अपनी जमीन मिल सके और आम लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।
सवाल यह है कि आखिर कब तक यह कार्यालय अपनी पहचान के लिए भटकता रहेगा? स्थानीय लोग अब मंत्री मदन सहनी और क्षेत्रीय विधायकों की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं कि कब इस कार्यालय को अपना भवन नसीब होगा और कब यहां की व्यवस्था सुदृढ़ होगी।