जदयू संगठन में बड़ा बदलाव,ललिता झा बनीं बिहार प्रदेश महासचिव, महिला शक्ति को मिली नई धार
जदयू संगठन में बड़ा बदलाव,ललिता झा बनीं बिहार प्रदेश महासचिव, महिला शक्ति को मिली नई धार
जदयू संगठन में बड़ा बदलाव,ललिता झा बनीं बिहार प्रदेश महासचिव, महिला शक्ति को मिली नई धार
दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और स्वागतयोग्य निर्णय लेते हुए ललिता झा को बिहार प्रदेश महासचिव के पद पर मनोनीत किया है। ललिता झा को मिली यह नई जिम्मेदारी न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का सम्मान है, बल्कि यह पार्टी की महिला विंग के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करने वाली साबित होगी।
ललिता झा का अब तक का राजनीतिक सफर संघर्ष और अटूट निष्ठा का रहा है। जिला पार्षद उपाध्यक्ष के अलावा जदयू महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जमीनी स्तर पर जो कार्य किया, उसकी चर्चा आज भी पूरे क्षेत्र में है। उनके नेतृत्व में महिला संगठन ने जिस तरह से अपनी सक्रियता दिखाई, उसका असर एनडीए के हर कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से देखने को मिलता था। पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और महिलाओं को एकजुट करने की अद्वितीय कार्यशैली ने उन्हें स्थानीय स्तर पर एक कद्दावर महिला नेत्री के रूप में स्थापित किया।
जिले के गणमान्य नागरिकों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ललिता झा का प्रदेश महासचिव बनना जदयू नेतृत्व का एक दूरदर्शी कदम है। लोगों का कहना है कि पार्टी ने उनकी मेहनत और कार्यक्षमता की सही समीक्षा की है। वे महिला संगठन को जो मजबूती दे रही थीं, अब उसी ऊर्जा के साथ वे ‘मेन विंग’ में पार्टी को और अधिक धार देने का काम करेंगी।
ललिता झा का मुख्य विंग में आना महिला नेतृत्व को मुख्यधारा की राजनीति में और अधिक महत्व मिलने का प्रतीक है। पूर्व में महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष के पद पर रहते हुए उन्होंने महिलाओं को न केवल राजनीति से जोड़ा, बल्कि उन्हें जागरूक कर पार्टी का मजबूत स्तंभ बनाया। अब प्रदेश स्तर पर उनकी सक्रियता निश्चित रूप से जदयू के जनाधार को और विस्तारित करेगी।
ललिता झा के प्रदेश महासचिव बनने से समर्थकों और स्थानीय जनता में खुशी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ललिता झा जैसे जमीन से जुड़े नेताओं को जब शीर्ष पद मिलता है, तो खासकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है।