किराना व्यवसायी बंटी की हत्या पर फूटा परिजनों का गुस्सा, बोले- पुलिस समय पर जागती तो बच जाती जान

दस्तक 7मीडिया /पटना

पटना के न्यू करबिगहिया इलाके से अगवा किए गए किराना व्यवसायी बंटी कुमार की हत्या के मामले में परिजनों का गुस्सा पुलिस की कार्यशैली पर फूट पड़ा है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर अपहरण के बाद समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो बंटी कुमार की जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों का आरोप है कि सोमवार देर रात पटना जंक्शन के समीप से बंटी कुमार का अपहरण हुआ था, लेकिन पुलिस चार दिनों तक उनका कोई सुराग नहीं लगा सकी। जबकि घटना का स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें बदमाश बंटी के साथ मारपीट करते हुए उन्हें जबरन एक काली स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाते दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद पुलिस न तो वाहन का समय पर पता लगा सकी और न ही आरोपियों तक पहुंच पाई।

परिवार का कहना है कि राजधानी के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में इस तरह सरेआम अपहरण होना पुलिस की गश्ती व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका आरोप है कि शुरुआती शिकायत के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कार्रवाई में ढिलाई बरती। इसी लापरवाही का परिणाम रहा कि बाढ़ के अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुतैलापुर बाईपास के पास बंटी कुमार का शव जमीन में दफन मिला।

मृतक की बहन ने दावा किया है कि यह हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई। उनके अनुसार, बंटी कुमार इलाके में कथित अवैध देह व्यापार और अन्य असामाजिक गतिविधियों का विरोध कर रहे थे, जिसके कारण स्थानीय बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया।

बंटी कुमार की हत्या की पुष्टि होने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।