धर्मेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में जिला परिषद सदस्यों का 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन

दस्तक 7 मीडिया/ दरभंगा 

दरभंगा जिला परिषद में शनिवार को कई निर्वाचित जिला परिषद सदस्य अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय महाधरना पर बैठे। धरने का नेतृत्व जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र कुमार झा ने किया। उन्होंने जिला परिषद अध्यक्ष पर विकास योजनाओं में मनमानी,पक्षपात और विकास कार्यों को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया। धरना शुरू होने से पहले इसकी सूचना प्रमंडलीय आयुक्त,जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त को दी गई थी। धरनार्थियों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ,इसलिए उन्हें आंदोलन का सहारा लेना पड़ा। धरने को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र कुमार झा ने कहा कि 15वें और 16वें वित्त आयोग की कई योजनाएं अब भी लंबित हैं। उन्होंने बताया कि पहले से स्वीकृत 148 योजनाओं का कार्यादेश भी जारी नहीं हुआ है। इसके कारण जिले में कई विकास कार्य रुके हुए हैं और मजदूरों व सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का लाखों रुपये का भुगतान भी लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला परिषद अध्यक्ष के कार्यकाल में योजनाओं की स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताएं बढ़ी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिला परिषद की बैठकों में सदस्यों की राय को नजरअंदाज किया जा रहा है और बिहार पंचायत राज अधिनियम के अनुरूप काम नहीं हो रहा है। धरनार्थियों ने प्रशासन से सभी लंबित योजनाओं को जल्द शुरू करने,तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति देने,मजदूरों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का बकाया भुगतान करने तथा अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने जिला परिषद सदस्यों के अधिकारों की रक्षा और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने की भी मांग उठाई। धरने के दौरान धर्मेंद्र कुमार झा ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी तथा लंबित योजनाओं का भुगतान जल्द नहीं हुआ,तो वे आत्मदाह करने को विवश होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महाधरना में जिला परिषद उपाध्यक्ष अरुणा कुमारी,सदस्य लाल कुमार सिंह,मोहम्मद हकीकूल,सुमित्रा देवी,अंजू देवी सहित बड़ी संख्या में जिला परिषद सदस्य और समर्थक शामिल हुए।