बेनीबाद का जर्जर पुल बना जनसमस्या, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई निर्माण की गुहार,

पुल टूटने से दो हिस्सों में बंटा बाजार, वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से लोगों को रोजाना हो रही परेशानी

दस्तक 7मीडिया ,गायघाट /दीपक कुमार 

बेनीबाद की राजनीति और विकास की चर्चा में वर्षों से जर्जर पड़ा पुरानी सड़क का पुल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर चुनाव में जनप्रतिनिधि इस पुल के निर्माण का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार, पुल के टूटे रहने से बेनीबाद बाजार दो हिस्सों में बंट गया है। इससे आम लोगों, व्यापारियों, छात्रों और राहगीरों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस पुल का निर्माण हो जाए तो बेनीबाद बाजार के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को NH-27 के अलावा आवागमन का एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हो जाएगा।

ग्रामीणों ने क्षेत्र की विधायक कोमल सिंह से इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर तत्काल पहल करने की अपील की है। उनका कहना है कि इसी मार्ग पर सियारी, पिरौछा और गायघाट पुल का निर्माण हो चुका है, ऐसे में बेनीबाद के पुल का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन का सहारा लेने के लिए बाध्य होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक पुल का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, व्यापार और क्षेत्र के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण जनहित का विषय है। अब लोगों की निगाहें जनप्रतिनिधियों के कदम पर टिकी हैं कि वर्षों पुरानी इस मांग को आखिर कब पूरा किया जाएगा।