15 अगस्त तक हर हाल में पूरे हों प्राथमिकता वाले राजस्व कार्य, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
15 अगस्त तक हर हाल में पूरे हों प्राथमिकता वाले राजस्व कार्य, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
15 अगस्त तक हर हाल में पूरे हों प्राथमिकता वाले राजस्व कार्य, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी प्राथमिकता वाले राजस्व कार्यों को 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरा करने का सख्त निर्देश जारी किया है। विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ताओं (अतिरिक्त जिलाधिकारी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित मामलों का मिशन मोड में निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंच सके।
अभियान बसेरा-2 को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत सभी पात्र भूमिहीन (वासविहीन) परिवारों की पहचान, भूमि अभिलेखों का सत्यापन तथा बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र वितरण का कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यभर के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए भूमि का अधिकार प्रदान किया जाएगा।
पांच जिलों में विशेष भूमि सर्वेक्षण
विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान के तहत अरवल, जहानाबाद, लखीसराय, शिवहर और शेखपुरा जिलों में सर्वे कार्य को प्राथमिकता देते हुए 15 अगस्त तक शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
लंबित राजस्व मामलों का होगा त्वरित निष्पादन
सचिव ने राजस्व महा-अभियान के अंतर्गत दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), भूमि सुधार तथा उत्तराधिकार नामांतरण से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सुशासन और पारदर्शिता पर सरकार का जोर
विभाग ने स्पष्ट किया कि यह विशेष अभियान बिहार सरकार के “सुशासन, त्वरित न्याय और पारदर्शिता” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तय समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।