दरभंगा /संजय कुमार राय

यूट्यूबर मनीष कश्यप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसा लग रहा हैं कि आनेवाली दो चार दिनों के बाद एक और प्राथमिकी उसके ऊपर पटना की पुलिस दर्ज कर सकती हैं। पेशी के दौरान मनीष के द्वारा सरकार और प्रशासन के विरुद्ध न्यायालय परिसर मे ब्यान देना महंगा पर गया हैं। अगर यही बात न्यायालय परिसर से बाहर किसी जगहों पर दिया होता तो शायद यह कारवाई उसपर नहीं होती।
पेशी के दौरान न्यायालय परिसर मे इस तरह ब्यान देना उन पुलिसकर्मियों पर भी भारी पर गया हैं जो उस दौरान उसके साथ थे। ऐसे पांच पुलिस कर्मियों को स्पष्टीकरण पूछने के बाद एसएसपी राजीव मिश्रा ने निलंबित कर दिया हैं।
आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैय्यर हसनैन खा ने एक विडिओ वायरल होते देखा था जिसमें यह देखा गया था कि यूट्यूबर मनीष कश्यप सरकार के विरुद्ध कई आपतिजनक बातें बोल रहें थे। यह बात मनीष तब बोल रहें थे जब न्यायालय परिसर मे पेशी के दौरान गया था । न्यायालय परिसर मे भीड़ इकट्ठा कर बयानबाजी करना कानून संगत नहीं था। एडीजी श्री खां ने इस बाबत पटना एसएसपी को जांच कर कारवाई करने का निर्देश दिया था। हालांकि श्री खां ने एसएसपी को स्पष्ट रूप से यह भी कहा था कि यह मामला आपके क्षेत्र के दायरे मे हैं। इसी आदेश के आलोक मे एसएसपी श्री मिश्रा ने पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले मे और भी जांच की जा रही हैं। जांच मे यह भी बात हैं कि आखिर न्यायालय केम्पस मे कैसे सभी अंदर पहुंच गये और मनीष कश्यप का विडिओ बनाकर वाईरल कर दिया। इस मामले मे ऐसा लग रहा हैं कि न्यायालय परिसर मे मनीष कश्यप द्वारा दिया गया भाषण कहीं उनके गले की हड्डी ना बन जाएं ?