आर्म्स एक्ट मामले में दो दोषियों को 3-3 साल की सजा, सीजेएम कोर्ट ने लगाया 20-20 हजार का जुर्माना

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता

सिविल कोर्ट दरभंगा के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी जुनैद आलम की कोर्ट ने आर्म्स ऐकट के एक आपराधिक मामले में दो अभियुक्तों को 3-3 वर्षों का सश्रम कारावास और बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।कोर्ट ने विश्वविद्यालय थानाकांड सं. 155/25, का बिचारण वाद सं.677/26 की सूनवाई पुरी कर पटना जिला के फुलवारी सरीफ थानाक्षेत्र के मुहल्ला इसोपुर पुरानी मस्जिद निवासी मो. इरफान का पुत्र मो. फरहान और लहियारचक गनपुरा निवासी मो. कलीम का पुत्र मो. नूर उर्फ लालबाबू को यह सजा सुनाया है।अदालत ने दोनों जूर्मियों को क्रमशः आर्म्स ऐक्ट की धारा 25(1-b)A में दोषी घोषित करते हुए 3 वर्षों का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपया अर्थदंड, तथा धारा 27/35 आर्म्स ऐक्ट में 3 वर्षों का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अर्थदंड की राशि नही जमा करने पर दोनों अभियुक्तों को दोनो धाराओं में तीन-तीन माह का अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।अभियोजन पक्ष का संचालन कर रहे अभियोजन पदाधिकारी मो.रिजवान ने बताया कि यह घटना 28 जून 2025 की है।विश्वविद्यालय थाना की पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दिल्ली मोड़ स्थित आर्यन डेभलॉपर्स प्रा.लि. में दो अपराधी मौजूद है।पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में ऑफिस के टेबूल के ड्रावर से एक देशी लोडेड पिस्तौल, ढाई लाख रुपये नगद तथा चार मोबाईल फोन के साथ दोनो को गिरफ्तार किया गया था।जिसकी प्राथमिकी विश्वविद्यालय थाना में पदस्थापित पुअनि सुधीर कुमार के आवेदन पर दर्ज की गई थी।न्यायालय में आरोपपत्र पश्चात 26 अगस्त 25 को संज्ञान लिया गया,तथा 27 अगस्त 25 को आरोप गठन के बाद बिचारण प्रारंभ किया गया।इसी मामले में सीजेएम जुनैद आलम की अदालत ने मामले का त्वरित बिचारण पूर्ण कर अपना निर्णय पारित किया है।