बिहार में अपराध पर कड़ा प्रहार: 5 श्रेणी के गंभीर मामलों की त्वरित होगी जांच , SP को विशेष निर्देश

दस्तक 7मीडिया /पटना

राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिहार पुलिस मुख्यालय ने पांच श्रेणी के गंभीर आपराधिक मामलों की त्वरित जांच और समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने के लिए नई कार्ययोजना लागू की है। इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि गंभीर अपराधों में जल्द अनुसंधान पूरा कर आरोपितों को शीघ्र सजा दिलाई जा सके।

नई व्यवस्था के तहत हत्या, दुष्कर्म एवं यौन उत्पीड़न, पुलिस टीम पर हमला, लूट एवं डकैती तथा पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने इन मामलों में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत अनुसंधान सुनिश्चित करने को कहा है।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार अगले पांच से छह महीनों में अनुसंधान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी जाएगी। प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर चार्जशीट और अंतिम प्रतिवेदन (फाइनल रिपोर्ट) तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। अभियुक्तों के फिंगरप्रिंट सहित अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। साथ ही थानों को सीसीटीवी, आधुनिक डिजिटल उपकरणों और फोरेंसिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।

इधर, राज्य सरकार ने भी त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की है। वहीं गंभीर मामलों में अपराधियों एवं माफियाओं की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि डिजिटल अनुसंधान, समय पर चार्जशीट और स्पीडी ट्रायल के माध्यम से अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।