पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बर्खास्त सीआईएसएफ जवान की नौकरी बहाल, दो माह में सेवा में लेने का आदेश
पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बर्खास्त सीआईएसएफ जवान की नौकरी बहाल, दो माह में सेवा में लेने का आदेश
पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बर्खास्त सीआईएसएफ जवान की नौकरी बहाल, दो माह में सेवा में लेने का आदेश
दस्तक 7मीडिया ,पटना /विधि संवाददाता
बिना सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप में बर्खास्त किए गए सीआईएसएफ (CISF) के जवान नवनीत कुमार यादव को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने सीआईएसएफ द्वारा जारी बर्खास्तगी से संबंधित सभी आदेशों को निरस्त करते हुए जवान को दो महीने के भीतर सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान नवनीत कुमार यादव की ओर से अदालत में दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) तथा सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि वह बीमारी के कारण विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर इलाज करा रहे थे और इसी वजह से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो सके थे।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि उपलब्ध चिकित्सा अभिलेखों को देखते हुए बर्खास्तगी का आदेश उचित नहीं था। इसके बाद अदालत ने सीआईएसएफ के सभी संबंधित आदेशों को रद्द करते हुए जवान की पुनर्बहाली का निर्देश दिया।
हालांकि, अदालत ने ‘नो वर्क, नो पे’ के सिद्धांत को भी लागू रखा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिस अवधि तक जवान ड्यूटी से अनुपस्थित रहे, उस दौरान का वेतन या अन्य वित्तीय लाभ उन्हें नहीं मिलेगा। साथ ही लगभग 137 दिनों की अनुपस्थिति की अवधि को उनके खाते में उपलब्ध वैध अवकाश से समायोजित करने का निर्देश भी दिया गया है।
हाईकोर्ट के इस फैसले को सेवा संबंधी मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें न्यायालय ने बीमारी से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्यों को अहम आधार मानते हुए कर्मचारी को राहत प्रदान की।
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