प्रेमी के साथ मिलकर दो मासूमों की हत्या: मां समेत दोनों दोषियों को फांसी, झंझारपुर कोर्ट ने कहा- ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला, बच्चों की हत्या करने वालों को नहीं मिल सकती नरमी
प्रेमी के साथ मिलकर दो मासूमों की हत्या: मां समेत दोनों दोषियों को फांसी, झंझारपुर कोर्ट ने कहा- ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला, बच्चों की हत्या करने वालों को नहीं मिल सकती नरमी
प्रेमी के साथ मिलकर दो मासूमों की हत्या: मां समेत दोनों दोषियों को फांसी,
झंझारपुर कोर्ट ने कहा- ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला, बच्चों की हत्या करने वालों को नहीं मिल सकती नरमी
दस्तक 7मीडिया ,झंझारपुर/मधुबनी।
मधुबनी जिले के चर्चित दोहरे बाल हत्या कांड में झंझारपुर व्यवहार न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने बच्चों की मां अनीता कुमारी और उसके प्रेमी जयप्रकाश उर्फ जयशंकर मंडल को दोषी करार देते हुए कहा कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में आता है, क्योंकि जिन मासूमों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मां पर थी, उसी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उनकी निर्मम हत्या कर दी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अभिषेक रंजन की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोनों दोषियों को मृत्युदंड तथा 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्य मिटाने के आरोप में धारा 201/34 के तहत सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने का भी आदेश दिया। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मायके ले जाने के बहाने ले गई, रास्ते में कर दी हत्या
अभियोजन के अनुसार, 3 जुलाई 2023 को अंधरामठ थाना क्षेत्र के नहरी गांव निवासी प्रमोद कुमार साफी की पत्नी अनीता कुमारी अपने चार वर्षीय बेटे प्रिंस कुमार और डेढ़ वर्षीय बेटी सृष्टि कुमारी को मायके ले जाने का बहाना बनाकर घर से निकली थी। रास्ते में बलान नदी स्थित खाप पुल के समीप उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर दोनों बच्चों का गला घोंट दिया और शव नदी में फेंक दिए।
ग्रामीणों की सतर्कता से पकड़े गए आरोपी
घटना के दौरान खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। लोगों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया, उनकी पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस जांच में हत्या की पुष्टि हुई। सात दिन बाद बच्ची सृष्टि का शव बरामद हुआ, जबकि बेटे प्रिंस का शव आज तक नहीं मिल सका।
पीड़ित पिता बोले- अब मिला इंसाफ
फैसले के बाद बच्चों के पिता प्रमोद कुमार साफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार उनके बच्चों को न्याय मिला। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा-ए-मौत मिले, ताकि उनके मासूम बच्चों की आत्मा को शांति मिल सके। प्रमोद ने बताया कि उन्होंने दूसरी शादी कर ली है और अब उनका छह माह का बेटा है, लेकिन दोनों बच्चों को खोने का दर्द आज भी उनके दिल में जिंदा है।
समाज के लिए सख्त संदेश
अदालत के फैसले के बाद स्थानीय लोगों ने इसे न्याय की बड़ी मिसाल बताया। लोगों का कहना है कि निजी संबंधों और स्वार्थ के लिए मासूम बच्चों की हत्या जैसे जघन्य अपराध पर कड़ी सजा समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत करेगी और अपराधियों के लिए सख्त संदेश साबित होगी।