राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: दो और अधिकारियों पर गिरी गाज, अब तक 62 पर एक्शन,

सरकारी डीजल के दुरुपयोग, फर्जी दाखिल-खारिज और लापरवाही के आरोप सही पाए गए; विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी

दस्तक 7मीडिया /पटना 

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए शुक्रवार (03 जुलाई 2026) को दो और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की है। विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत अब तक कुल 62 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

विभागीय जांच में सुपौल जिले के पिपरा के तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) पर सरकारी डीजल का निजी उपयोग करने का आरोप सही पाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि सरकारी डीजल से उनकी निजी गाड़ी चलाई जा रही थी। इस वित्तीय अनियमितता को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने तथा प्रपत्र ‘क’ (आरोप पत्र) गठित करने का आदेश जारी किया गया है।

वहीं, फारबिसगंज के तत्कालीन राजस्व अधिकारी, जो वर्तमान में पूर्णिया पूर्व में पदस्थापित हैं, उनके खिलाफ जमीन के फर्जी दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करने और सरकारी दायित्वों में घोर लापरवाही बरतने के आरोप सही पाए गए हैं। विभाग ने उनके विरुद्ध भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, दाखिल-खारिज में जानबूझकर देरी और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि दोषी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी पद पर हों, उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।

विभाग के अनुसार, हाल के दिनों में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान कई मामलों में अनियमितताएं सामने आई हैं। दोषी अधिकारियों के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने, निलंबन, विभागीय मुकदमा चलाने और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी है। राजस्व विभाग की इस सख्ती को भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा माना जा रहा है।