जीरो ऑफिस डे पर गांव पहुंचे जीविका अधिकारी, योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, दरभंगा में दो दिवसीय अभियान के तहत SHG, VO और CLF की कार्यप्रणाली की समीक्षा, छह लाख से अधिक जीविका दीदियों से जुड़ी योजनाओं का हुआ मूल्यांकन
जीरो ऑफिस डे पर गांव पहुंचे जीविका अधिकारी, योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, दरभंगा में दो दिवसीय अभियान के तहत SHG, VO और CLF की कार्यप्रणाली की समीक्षा, छह लाख से अधिक जीविका दीदियों से जुड़ी योजनाओं का हुआ मूल्यांकन
जीरो ऑफिस डे पर गांव पहुंचे जीविका अधिकारी, योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी,
दरभंगा में दो दिवसीय अभियान के तहत SHG, VO और CLF की कार्यप्रणाली की समीक्षा, छह लाख से अधिक जीविका दीदियों से जुड़ी योजनाओं का हुआ मूल्यांकन
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
सामुदायिक संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का जमीनी स्तर पर आकलन करने के उद्देश्य से जीविका द्वारा जिले में दो दिवसीय जीरो ऑफिस डे अभियान चलाया गया। अभियान के तहत जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी के नेतृत्व में जिले के सभी प्रखंडों में कार्यरत जीविका अधिकारियों एवं कर्मियों ने कार्यालय से बाहर निकलकर गांवों और पंचायतों का दौरा किया तथा योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूह (SHG), ग्राम संगठन (VO) और संकुल स्तरीय संघ (CLF) की बैठकों में भाग लेकर उनके संचालन, निर्णय प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन का निरीक्षण किया। साथ ही बचत, आंतरिक ऋण, बैंक ऋण, पुनर्भुगतान, सदस्यता विस्तार और नियमित बैठकों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने जीविका दीदियों से संवाद कर कृषि, पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान महिलाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों और सफल आजीविका मॉडलों का भी अवलोकन किया गया। समूहों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए।
जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा कि जीरो ऑफिस डे का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि सामुदायिक संस्थाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी वास्तविक जरूरतों को समझना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जाकर प्राप्त अनुभव अधिक व्यावहारिक होते हैं, जिससे समस्याओं की समय पर पहचान और समाधान संभव हो पाता है।
जीविका के संचार प्रबंधक राजा सागर ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान सफल कार्यों और नवाचारों का दस्तावेजीकरण किया जाता है, ताकि उन्हें अन्य क्षेत्रों में भी मॉडल के रूप में अपनाया जा सके। वहीं, जहां कमियां मिलती हैं, वहां समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इससे योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता में सुधार होता है।
जिले में वर्तमान में 44,290 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब छह लाख जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा 3,200 ग्राम संगठन और 69 संकुल स्तरीय संघ ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। जीविका के माध्यम से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण सामाजिक परिवर्तन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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