भागलपुर जेल से रिहा युवक के कथित अपहरण व फर्जी एनकाउंटर साजिश मामले में डीजीपी -आईजी  को हाईकोर्ट का नोटिस

दस्तक 7मीडिया ,पटना /विधि संवाददाता।

पटना हाईकोर्ट ने भागलपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा हुए एक व्यक्ति के कथित अपहरण और फर्जी एनकाउंटर की साजिश के गंभीर आरोपों पर बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) और जेल महानिरीक्षक (IG Prison) समेत कई अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार झा की एकल पीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए सभी संबंधित अधिकारियों से चार सप्ताह के भीतर बिंदुवार जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट ने बिहार के डीजीपी, जेल आईजी और पटना के एसपी को याचिका में लगाए गए प्रत्येक आरोप पर स्पष्ट जवाब देने को कहा है। साथ ही भागलपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक, पटना सिटी के चौक थाना के थानाध्यक्ष और संबंधित दारोगा को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अदालत ने सभी पक्षों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।

यह याचिका अविनाश श्रीवास्तव की पत्नी पिंकी देवी ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि अविनाश श्रीवास्तव को 29 नवंबर 2025 की सुबह भागलपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा किया गया था। आरोप है कि जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही सादे कपड़ों में आए दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट की और जबरन एक वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए।

याचिका के अनुसार, इसके बाद उन्हें बरौनी और सबलपुर थाना क्षेत्रों में घुमाया गया, जहां कथित तौर पर पुलिसकर्मी फर्जी एनकाउंटर के लिए सुनसान स्थान की तलाश कर रहे थे। बाद में उन्हें पीछे के रास्ते से पटना सिटी के चौक थाना लाया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य में हाल के दिनों में पुलिस एनकाउंटर को लेकर उठे सवालों के बीच इस मामले में अदालत के सख्त रुख को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें चार सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई और अधिकारियों के जवाब पर टिकी हैं।