बिहार की स्टेट हाईवे और बड़े पुलों पर भी लगेगा टोल टैक्स, कैबिनेट ने नई नियमावली को दी मंजूरी,

1.25 से 8.10 रुपये प्रति किमी तक होगी दर, फास्टैग से होगी वसूली; बिना फास्टैग और ओवरलोड वाहनों पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क

दस्तक 7मीडिया /पटना

बिहार में अब राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की तर्ज पर राज्य सरकार के स्वामित्व वाले स्टेट हाईवे (एसएच), बाईपास और बड़े पुलों पर भी टोल टैक्स देना होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 1 जुलाई 2026 को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी गई।

नई नियमावली के तहत वाहनों की श्रेणी और आकार के अनुसार टोल टैक्स की दरें निर्धारित की गई हैं। इसके अनुसार न्यूनतम टोल शुल्क 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर और अधिकतम 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर तक होगा। भारी और व्यावसायिक वाहनों से अधिक दर से शुल्क वसूला जाएगा।

सरकार ने बड़े पुलों के लिए अलग व्यवस्था की है। नियमावली के अनुसार किसी पुल की एक किलोमीटर लंबाई को सामान्य सड़क के 10 किलोमीटर के बराबर मानते हुए टोल शुल्क की गणना की जाएगी, जिससे बड़े पुलों को पार करने पर अपेक्षाकृत अधिक टोल देना होगा।

नई व्यवस्था में टोल टैक्स की वसूली फास्टैग के माध्यम से डिजिटल तरीके से की जाएगी। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा या जो ओवरलोड पाए जाएंगे, उनसे अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही स्थानीय एवं नियमित यात्रियों की सुविधा के लिए मल्टी-ट्रिप पास और विशेष छूट का भी प्रावधान किया गया है।

राज्य सरकार का कहना है कि इस नई टोल नीति का उद्देश्य सरकारी सड़कों, बाईपास और बड़े पुलों के बेहतर रखरखाव, समय पर मरम्मत तथा सुचारु संचालन के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है। नई नियमावली लागू होने के बाद राज्य की प्रमुख सड़कों पर टोल संग्रह की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी।