डेढ़ साल बाद परिवार से मिला बिछड़ा बेटा, सेवा कुटीर ने कराया आशिक रहमान का पुनर्वास
डेढ़ साल बाद परिवार से मिला बिछड़ा बेटा, सेवा कुटीर ने कराया आशिक रहमान का पुनर्वास
डेढ़ साल बाद परिवार से मिला बिछड़ा बेटा, सेवा कुटीर ने कराया आशिक रहमान का पुनर्वास
दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा
सेवा कुटीर, दरभंगा के सतत प्रयासों से असम निवासी आशिक रहमान का सफल पुनर्वास कर उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। करीब डेढ़ वर्ष पहले दरभंगा रेलवे स्टेशन से गंभीर एवं असहाय अवस्था में रेस्क्यू किए गए आशिक रहमान का अपने परिवार से पुनर्मिलन सेवा कुटीर की मानवीय पहल का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल 2025 को सेवा कुटीर के क्षेत्र समन्वयक ने दरभंगा रेलवे स्टेशन से आशिक रहमान को गंभीर हालत में रेस्क्यू किया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सेवा कुटीर में पुनर्वासित किया गया, जहां उनकी नियमित देखभाल, चिकित्सा और काउंसलिंग की गई।
प्रारंभिक दिनों में आशिक ऐसी भाषा में बातचीत करते थे, जिसे समझना मुश्किल था। लगातार काउंसलिंग और संवाद के बाद उन्होंने अपने घर का पता बताया, जिससे पता चला कि वे असम के रहने वाले हैं। इसके बाद संबंधित थाना से संपर्क कर उनके परिवार का पता लगाया गया। वीडियो कॉल के माध्यम से परिजनों ने उनकी पहचान की और उन्हें वापस ले जाने की सहमति दी।
बुधवार को आशिक रहमान की माता और उनके फूफा सेवा कुटीर, दरभंगा पहुंचे। सभी आवश्यक दस्तावेजी एवं कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आशिक रहमान को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
सेवा कुटीर के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान निराश्रित, असहाय एवं बेसहारा लोगों को सुरक्षित आश्रय, चिकित्सा, परामर्श और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। आशिक रहमान का अपने परिवार से पुनर्मिलन संस्थान की संवेदनशील कार्यशैली और समर्पण का एक सफल उदाहरण है।
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