केंद्रीय विद्यालय-3 का उद्घाटन स्वागतयोग्य, लहेरियासराय में एक और शाखा खुले: फातमी
केंद्रीय विद्यालय-3 का उद्घाटन स्वागतयोग्य, लहेरियासराय में एक और शाखा खुले: फातमी
केंद्रीय विद्यालय-3 का उद्घाटन स्वागतयोग्य, लहेरियासराय में एक और शाखा खुले: फातमी
दस्तक 7मीडिया /गुड्डूराज
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. अली अशरफ फातमी ने मंगलवार को लहेरियासराय स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय-3 के उद्घाटन का स्वागत करते हुए कहा कि फिलहाल विद्यालय पुराने भवन में संचालित होगा और नामांकन प्रक्रिया जारी है।
फातमी ने कहा कि अपने सांसद एवं केंद्र सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्होंने केंद्रीय विद्यालय-2 की स्थापना कराई थी, ताकि दरभंगा एयरपोर्ट तथा अन्य केंद्रीय सरकारी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि शुरुआत में विद्यालय रामनगर आईटीआई परिसर में संचालित हुआ, लेकिन राज्य सरकार की ओर से स्थायी भूमि उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण बाद में इसे एयरपोर्ट परिसर में स्थानांतरित करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए सबसे पहले रक्षा सेवाओं के कर्मचारियों के बच्चों, उसके बाद केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने लहेरियासराय क्षेत्र की बढ़ती आबादी और आवश्यकता को देखते हुए वहां केंद्रीय विद्यालय की एक और शाखा खोलने की मांग की।
फातमी ने दरभंगा एयरपोर्ट का नाम महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह के नाम पर रखने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि दरभंगा के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है और उनके सम्मान में एयरपोर्ट का नामकरण किया जाना चाहिए।
राज्य की कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में हत्या, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत भूषण तिवारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले किसी भी व्यक्ति को सजा देने का अधिकार केवल न्यायालय को है।
एम्स दरभंगा के मुद्दे पर फातमी ने कहा कि चुनाव के दौरान बार-बार वादे किए गए, लेकिन अब तक केवल चारदीवारी और मुख्य द्वार का निर्माण ही हो सका है। उन्होंने कहा कि यदि दरभंगा में एम्स की स्थापना हो गई होती तो उत्तर बिहार के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रही है।