बिहार STF की बड़ी सफलता: पांडव सेना का मुख्य सरगना संजय सिंह बिहटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार
बिहार STF की बड़ी सफलता: पांडव सेना का मुख्य सरगना संजय सिंह बिहटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार
बिहार STF की बड़ी सफलता: पांडव सेना का मुख्य सरगना संजय सिंह बिहटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार
दस्तक 7मीडिया /पटना
बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बिहटा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांडव सेना (पांडव गिरोह) के मुख्य सरगना एवं मोस्ट वांटेड अपराधी संजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वर्षों से फरार चल रहे संजय सिंह की गिरफ्तारी को बिहार पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संजय सिंह अपनी पत्नी पुष्पा कुमारी और बच्चों के साथ दिल्ली से विक्रमशिला एक्सप्रेस के जरिए पटना लौट रहा है। सूचना के आधार पर STF और बिहटा थाना पुलिस ने बिहटा रेलवे स्टेशन पर पहले से घेराबंदी कर रखी थी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही पुलिस टीम ने उसे चारों ओर से घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद संजय सिंह की पत्नी पुष्पा कुमारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि जीआरपी और बिहटा पुलिस ने उनके पति को हिरासत में लिया है। वीडियो में उन्होंने किसी अनहोनी की आशंका भी जताई।
दर्जनों गंभीर मामलों का आरोपी
संजय सिंह बिहार के टॉप अपराधियों की सूची में शामिल रहा है। उसके खिलाफ पटना, जहानाबाद, भागलपुर, रांची और हजारीबाग समेत कई जिलों में हत्या, रंगदारी, लूट, नरसंहार और अवैध खनन जैसे गंभीर अपराधों के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
क्या है पांडव सेना?
पांडव सेना का गठन वर्ष 1995-96 के दौरान मध्य बिहार में सक्रिय नक्सली संगठनों के आतंक और रंगदारी का मुकाबला करने के उद्देश्य से पांच दोस्तों ने मिलकर किया था। समय के साथ संगठन के भीतर वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई, जो खूनी गैंगवार में बदल गई। इसके बाद यह समूह एक संगठित आपराधिक गिरोह के रूप में उभरा, जिसकी कमान संजय सिंह के हाथों में थी।
फिलहाल STF और बिहार पुलिस संजय सिंह से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क, सहयोगियों और कई पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।