कुशेश्वरस्थान में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर ‘ताला और सौदेबाजी’ का आरोप, पीएचसी चिकित्सा पदाधिकारी पर गंभीर सवाल।
कुशेश्वरस्थान में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर ‘ताला और सौदेबाजी’ का आरोप, पीएचसी चिकित्सा पदाधिकारी पर गंभीर सवाल।
कुशेश्वरस्थान में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर ‘ताला और सौदेबाजी’ का आरोप, पीएचसी चिकित्सा पदाधिकारी पर गंभीर सवाल।
दस्तक 7 मीडिया, प्रशांत कुमार, कुशेश्वरस्थान।
कुशेश्वरस्थान क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा किया जाता है। आरोप यह भी है कि पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी मो. सोहराब पहले जांच के दौरान केंद्रों पर सरकारी ताला लगवाते हैं और बाद में कथित रूप से मोटी रकम लेकर वही ताला खुलवा दिया जाता है।
इसी क्रम में आसमा रोड स्थित माँ लक्ष्मी अल्ट्रासाउंड केंद्र का मामला चर्चा में है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस केंद्र पर विगत 18 जून को चिकित्सा प्रभारी की ओर से कार्रवाई करते हुए ताला लगाया गया था। इसके बावजूद केंद्र के भीतर 26 जून से लगातार अल्ट्रासाउंड जांच किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का दावा है कि यहां प्रतिबंधित भ्रूण लिंग जांच जैसी गतिविधियां भी जारी हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि केंद्र पर सरकारी ताला लगाया गया था, तो वह खुला कैसे? यदि ताला प्रशासन की निगरानी में था, तो उसकी चाबी किसके पास थी और किसके आदेश पर केंद्र दोबारा संचालित होने लगा? इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और पारदर्शी जांच की मांग तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई अल्ट्रासाउंड केंद्र खुलेआम संचालित हो रहे हैं। उनका कहना है कि जिन केंद्र संचालकों से कथित रूप से “महीना” मिलता है, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, जबकि अन्य केंद्रों पर छापेमारी और ताला लगाने की कार्रवाई की जाती है। इन आरोपों के कारण स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था और कानून के शासन पर भी गंभीर प्रश्न है। उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मामले में एसडीएम शशांक राज ने बताया कि अभी मामला मेरे संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराया जाएगा। वहीं सीएस डाक्टर अरुण कुमार दरभंगा ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी के लिए चिकित्सा पदाधिकारी बात कर मामले की जांच की जाएगी।