शराब जैसी गंध’ के शक में ट्रक जब्त करना पड़ा भारी: पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार पर लगाया ₹2.15 लाख का हर्जाना

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

बिहार में शराबबंदी कानून के कथित दुरुपयोग पर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए ₹2.15 लाख का हर्जाना देने का आदेश दिया है। अदालत ने यह फैसला गोपालगंज जिले में केवल ‘शराब जैसी गंध’ के संदेह पर एक ट्रक को जब्त कर लगभग 10 महीने तक थाने में खड़ा रखने के मामले में सुनाया। हाईकोर्ट ने इसे कानून का खुला दुरुपयोग करार देते हुए स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस साक्ष्य या शराब की बरामदगी के किसी की संपत्ति को जब्त करना कानून सम्मत नहीं है।

मामला गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने एक ट्रक को इस आशंका में जब्त कर लिया था कि उसके केबिन से शराब जैसी गंध आ रही है। हालांकि, तलाशी के दौरान ट्रक से एक बूंद भी शराब बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद वाहन को करीब 10 महीने तक थाने में जब्त रखा गया, जिससे ट्रक मालिक राजेश कुमार यादव को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति कुमार मनीष की खंडपीठ ने पुलिस की कार्रवाई पर तीखी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि केवल संदेह या गंध के आधार पर किसी वाहन को जब्त करना न्यायसंगत नहीं है और यह नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है।

सुनवाई के दौरान जांचकर्ता दारोगा से जब अदालत ने शराबबंदी कानून की जानकारी के बारे में पूछा तो उसने स्वीकार किया कि वह 40 से अधिक शराबबंदी मामलों की जांच कर चुका है, लेकिन उसने कभी बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के प्रावधानों का अध्ययन ही नहीं किया। इस स्वीकारोक्ति पर अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और इसे बेहद चिंताजनक बताया।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि ट्रक मालिक को 2.15 लाख का मुआवजा दिया जाए। साथ ही यह भी कहा कि इस राशि की वसूली मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की पहचान कर उनके वेतन से की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी कार्रवाई की पुनरावृत्ति न हो।

पटना हाईकोर्ट का यह फैसला शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण नजीर माना जा रहा है। अदालत ने अपने आदेश से स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून का पालन साक्ष्यों और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप होना चाहिए, न कि केवल अनुमान या संदेह के आधार पर।