ड्यूटी छोड़ निजी क्लीनिक चलाना पड़ा भारी, पीएमसीएच  के प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह हटाए गए

दस्तक 7मीडिया /पटना

बिहार सरकार ने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की विभागीय जांच में ड्यूटी के दौरान निजी क्लीनिक चलाने, बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहने तथा सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप सही पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया।

जानकारी के अनुसार, 23 जून 2026 को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पीएमसीएच का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने न तो अवकाश लिया था और न ही किसी अन्य अधिकारी को प्रभार सौंपा था।

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की विभागीय जांच कराई। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि कार्यालय समय के दौरान डॉ. सिंह कंकड़बाग स्थित अपने निजी क्लीनिक में मरीजों का इलाज कर रहे थे। जांच टीम को उनके निजी क्लीनिक के बाहर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवंटित सरकारी वाहन भी खड़ा मिला, जिसे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना गया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को पीएमसीएच के प्रिंसिपल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया। साथ ही उनका तबादला राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बेतिया में प्रोफेसर के पद पर कर दिया गया है।

विभाग ने पीएमसीएच के प्रिंसिपल का अतिरिक्त प्रभार स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. गीता सिन्हा को सौंप दिया है। उनसे अस्पताल के प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की गई है।

हालांकि कार्रवाई के बाद डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण से ठीक पहले उनका सड़क हादसा हो गया था, जिसके कारण वे स्वास्थ्य कारणों से कार्यालय नहीं पहुंच सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग ने उनका पक्ष सुने बिना ही एकतरफा कार्रवाई कर दी।

इस कार्रवाई को सरकारी अस्पतालों में अनुशासन, जवाबदेही और सेवा व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कदम माना जा रहा है।