बिरौल

बिरौल थाना क्षेत्र के शिवनगर घाट स्थित सोना चांदी व्यवसायी से हुई लूट के मामले मे तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं ,चर्चा यह भी हैं क्या यह लूट हुई हैं ?ऐसे मे पुलिस की जवाबदेही और भी बढ़ जाती हैं।

पुलिस को सही दिशा मे अनुसंधान करने की जरूरत हैं ?कई ऐसे बिंदु हैं जिसपर पुलिस को और भी पूछताछ करनी होगी ,घटना स्थल पर या आसपास के लोग भी इस घटना के बाद असमंजस की स्थिति मे हैं ?लोग इस घटना को शक की निगाह से देख रहें हैं।खैर

पुलिस के पूछताछ मे दुकानदार विजय वर्मा ने बताया हैं कि दुकान बंद कर एक थैला मे सोना चांदी और रुपये को एक थैला मे रखकर मोटरसाइकिल के टंकी पर रखते हुये घर जा रहें थे। इस दौरान दुकान से 50-60मीटर दूर गये होंगे इतने मे  पीछे से आ रही एक मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशो ने उनके सिर के पीछे से थप्पड़ मारा और टंकी से थैला लेकर फरार हो गया जिसमें करीब साढ़े बारह लाख के सोने चांदी के जेवर और नगदी थे। यही नहीं श्री वर्मा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आधे घंटे तक उन बदमाशों का पीछा भी किया हैं लेकिन वह भाग गया।
अब ऐसे मे सवाल उठता हैं कि अगर कोई बदमाश पीछे से सिर पर जोड़ से मारता हैं तो ऐसी स्थिति मे मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ जाएगा ,यहां तक कि गिर भी सकता हैं। अगर संतुलन बिगड़ता हैं तो भी पीछे से आ रहा कोई बदमाश कैसे टंकी से उस झोले को लेकर भाग जाएगा ,बदमाश को उस झोले को कब्जे मे लेने मे समय लगेगा और इतने देर मे कोई ना कोई सड़क से जरूर गुजर जाएगा  ,अगर मान ले कि झोला लेकर बदमाश भाग रहा हैं  तो उसी चाल मे हम पीछा कर सकते हैं ,हल्ला कर सकते हैं ताकि आगे खड़ा लोग उसे रोक ले ,उस गाड़ी के नंबर प्लेट के नंबर को देख लेना चाहिये।मगर ऐसा उन्होंने नहीं किया हैं।

घटना स्थल के आसपास कोई भी व्यक्ति स्वतंत्र रूप से यह नहीं कह रहा हैं कि लूट हुई हैं। लोंगों का कहना हैं कि घटना के बहूत देर बाद हल्ला हुआ और लोग एक दूसरे लोंग एक दूसरे से चर्चा करने लगे ,इसके बाद लोंगों के जानकारी मे यह बात आयी कि लूट की घटना हुई हैं।
यही नहीं विजय वर्मा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसे लेने के लिये उनके भाई का साला दुकान पर आया था। लेकिन विजय वर्मा जब दुकान छोड़कर अपने घर रूपनगर जा रहें थे तो उनका साला उनके साथ घर क्यू नहीं गया। कई ऐसे बिंदु हैं जिसपर पुलिस के सघन जांच की जरूरत हैं। इस मामले मे पुलिस को तकनीकी रूप से भी अनुसंधान करना होगा कि विजय वर्मा द्वारा जो समय घटना के बाबत बताया गया उस समय किनके किनके कॉल आयें थे ,उनका लोकेशन कहां था आदि कई बिंदु हैं।
एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने कहा कि पुलिस बारिकी से हर बिंदुओं पर जांच कर रही हैं।
थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाएं हुई हैं और अपराधियों को पकड़ने के लिये प्रयास किया जा रहा हैं।उन्होंने कहा कि व्यवसायी के मुताबिक करीब साढ़े बारह लाख की लूट की घटना हुई हैं।