प्रखंड स्तरीय शारदीय (खरीफ) कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026 का भव्य आयोजन,

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।


खरीफ फसलों की उन्नत खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से आज ई-किसान भवन, बिरौल के प्रांगण में प्रखंड स्तरीय शारदीय (खरीफ) कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस महाभियान में कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों को कम लागत में वैज्ञानिक तरीके से अधिक पैदावार लेने के कई महत्वपूर्ण गुर सिखाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन मुख्य रूप से कृषि विभाग के वरीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की देखरेख में हुआ, जिसमें मुख्य रूप से अवधेश कुमार (अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, बिरौल),उदय कुमार (प्रखंड कृषि पदाधिकारी, बिरौल),प्रखंड कृषि पदाधिकारी (प्रक्षेत्र)बिरौल, मो.शाहिद जमाल (प्रसिद्ध वैज्ञानिक, कृषि अनुसंधान केंद्र, बिरौल)मो.कामरान (बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष, बिरौल), इसके साथ ही क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, सभी कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, एटीएम और बीटीएम सहित भारी संख्या में स्थानीय प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कृषि समन्वयक ज्ञानेन्द्र झा ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कृषि वैज्ञानिक मो.शाहिद जमाल से अनुरोध किया कि वे किसानों को धान की उन्नत और कम खर्चीली खेती के बारे में मार्गदर्शन दें।
मंच को संबोधित करते हुए कृषि वैज्ञानिक मो.शाहिद जमाल ने ‘हरी चादर योजना’ की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि किसान अपने खेतों में ढैंचा और मूंग की बुआई करें।
पौधा जब बड़ा हो जाए, तो रोटावेटर या झाल के माध्यम से इसे वापस मिट्टी में ही मिला दें (हरी खाद)। इस विधि से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और रासायनिक खादों पर निर्भरता बेहद कम होगी, जिससे लगातार खराब हो रही मिट्टी को बचाया जा सकेगा। उन्होंने जीवाणु खाद, राइजोबियम और जैविक खाद के अधिकतम उपयोग की अपील की।
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अवधेश कुमार ने किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि अंधाधुंध खेती के बजाय समझदारी से काम लें। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन की मिट्टी, सही समय और मौसम के मिजाज को देखकर ही सही बीज का चयन करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीज को हमेशा उपचारित (बीजोपचार) करने के बाद ही खेत में बिचड़ा (नर्सरी) तैयार करने के लिए डालें, ताकि फसलें शुरुआती दौर में बीमारियों से सुरक्षित रह सकें। प्रखंड कृषि पदाधिकारी उदय कुमार ने किसानों को एक बड़ी राहत की खबर देते हुए बताया कि प्रखंड स्तर पर धान की विभिन्न उन्नत किस्मों के बीज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो चुके हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि सभी किसान भाई-बहन जल्द से जल्द इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करें और प्रखंड मुख्यालय से सरकारी अनुदानित दर पर बीज का उठाव कर लें, ताकि सही समय पर बिचड़ा गिराया जा सके और खरीफ सीजन का अधिकतम लाभ मिल सके। कार्यशाला के अंत में किसानों की शंकाओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिससे किसान बेहद उत्साहित नजर आए।