डूबने से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान तेज, एसडीआरएफ ने स्कूली बच्चों को दिया सुरक्षा प्रशिक्षण, बरसात में सतर्क रहने की अपील
डूबने से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान तेज, एसडीआरएफ ने स्कूली बच्चों को दिया सुरक्षा प्रशिक्षण, बरसात में सतर्क रहने की अपील
डूबने से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान तेज,
एसडीआरएफ ने स्कूली बच्चों को दिया सुरक्षा प्रशिक्षण, बरसात में सतर्क रहने की अपील
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
जिले में डूबने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपदा के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) द्वारा विभिन्न विद्यालयों एवं प्रखंडों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में बुधवार को बहादुरपुर अंचल स्थित आदर्श मध्य विद्यालय, लहेरियासराय में एसडीआरएफ की टीम ने स्कूली बच्चों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित जवानों ने विद्यार्थियों को डूबने की घटनाओं से बचाव, सुरक्षित जल स्रोतों के उपयोग, बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक बचाव के उपायों की जानकारी दी।
एसडीआरएफ टीम ने मॉक डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से बच्चों को बताया कि किसी व्यक्ति के पानी में डूबने की स्थिति में बिना स्वयं जोखिम उठाए किस प्रकार सहायता पहुंचाई जा सकती है। साथ ही संबंधित प्रशासनिक एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों को समय पर सूचना देने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
जिला प्रशासन ने बताया कि बरसात के मौसम में नदियों, तालाबों, पोखरों और जलभराव वाले क्षेत्रों में डूबने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में जन-जागरूकता ही सबसे प्रभावी बचाव का माध्यम है। बच्चों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देकर उन्हें अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बरसात के दौरान गहरे पानी, तेज बहाव वाले क्षेत्रों और जलाशयों से दूर रहें तथा बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग अथवा संबंधित नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
जिला प्रशासन के अनुसार डूबने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए आगामी दिनों में जिले के विभिन्न विद्यालयों और प्रखंडों में एसडीआरएफ एवं मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जाएंगे।