मधुबनी जिला में गश्ती के बाद थाना लौट रही महिला दरोगा का कथित वीडियो वायरल,अवैध वसूली का शक ,आपस में बांट रहे हे पैसे ,पुलिस महकमे में चर्चा जोरों पर ?पूर्व के थानाध्यक्ष पर भी लग चुके हे आरोप।
मधुबनी जिला में गश्ती के बाद थाना लौट रही महिला दरोगा का कथित वीडियो वायरल,अवैध वसूली का शक ,आपस में बांट रहे हे पैसे ,पुलिस महकमे में चर्चा जोरों पर ?पूर्व के थानाध्यक्ष पर भी लग चुके हे आरोप।
मधुबनी जिला में गश्ती के बाद थाना लौट रही महिला दरोगा का कथित वीडियो वायरल,अवैध वसूली का शक ,आपस में बांट रहे हे पैसे ,पुलिस महकमे में चर्चा जोरों पर ?पूर्व के थानाध्यक्ष पर भी लग चुके हे आरोप।
दस्तक 7मीडिया /मधुबनी
मधुबनी जिले में पदस्थापित एक पुलिस अवर निरीक्षक पर गश्ती के दौरान कथित रूप से अवैध वसूली कर आपस में रुपये बांटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हे।इस कथित वीडियो को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल गर्म है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि गश्ती वाहन में बैठे पुलिसकर्मियों के बीच रुपये का लेन-देन और बंटवारा किया जा रहा है।कई पुलिस कर्मियों ने बताया कि उक्त पुलिस अवर निरीक्षक सोनल कुमारी हे जो इन दिनों अररिया संग्राम थाने में पदस्थापित हे।दस्तक 7 मीडिया इस वीडियो का समर्थन नहीं करता हे ,हालांकि यह जांच का विषय जरूर हे।
वायरल वीडियो के संबंध में किए जा रहे दावों के अनुसार, पुलिस अवर निरीक्षक सोनल कुमारी गश्ती के दौरान कथित रूप से वसूली गई राशि का बंटवारा करती दिखाई दे रही हैं। आरोप है कि कुछ रुपये अपने हिस्से के तौर पर अलग रख रही हैं, जबकि शेष राशि वाहन में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों को देती दिखाई पर रही हे । वीडियो में कथित तौर पर रुपये एक-दूसरे को बढ़ाते हुए भी दिखाई पड़ रहे हैं, जिससे पूरे मामले ने शक और गहरा कर दिया हे।अमूमन कोई भी वाहन पर सवार पुलिस कर्मी /आमजन इस तरह गाड़ी में बैठकर रुपया नहीं गिनते हे ,अगर कोई रुपया गिनता भी हे तो अपने जेब में रखता हे ,बांटने जैसा दृश्य नहीं होता।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया। बावजूद इसके, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। कई पुलिस कर्मियों का कहना है कि यदि वीडियो में किए जा रहे दावे सही पाए जाते हैं तो यह पुलिस विभाग की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला मामला है।
इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। आम लोगों का कहना है कि पुलिस पर कानून लागू कराने की जिम्मेदारी होती है, ऐसे में यदि पुलिसकर्मी ही अवैध वसूली जैसे आरोपों के घेरे में आते हैं तो जनता का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हे।यह वहीं थाना हे जहा पूर्व थानेदार की करतूत भी सामने आया था ,जिसपर एसपी ने कारवाई की।
फिलहाल, वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों ने मधुबनी पुलिस की कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
“दस दिन में पत्रकार जेल, एक माह बाद भी आरोपी फरार: केवटी पुलिस की दोहरी नीति चर्चा में”“एससी/एसटी एक्ट में ‘दलाली’ और पुलिस की दोहरी कार्रवाई पर उठे सवाल
ऑनलाइन जमाबंदी में हेरफेर कर जमीन हड़पने का आरोप, 3 सीओ समेत 55 लोगों पर एफआईआर