बेनीपुर अनुमंडल के विस्तार, संस्कृत की पढ़ाई और महादलितों के पुनर्वास की मांग, विधायक विनय चौधरी ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

दस्तक 7 मीडिया /गुड्डूराज 

बेनीपुर के विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर बेनीपुर अनुमंडल क्षेत्र के प्रशासनिक एवं न्यायिक विस्तार, नवसृजित डिग्री महाविद्यालयों में संस्कृत विषय की पढ़ाई शुरू करने तथा हरिपुर गांव के महादलित भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास से संबंधित मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्ष 1976 में गठित बेनीपुर अनुमंडल का दायरा समय के साथ लगातार सिमटता गया है। वर्ष 1992 में बिरौल को अलग अनुमंडल का दर्जा दिए जाने के बाद तथा हाल के वर्षों में न्यायिक क्षेत्र के पुनर्गठन से बेनीपुर अनुमंडल का क्षेत्र और छोटा हो गया है। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध होने के बावजूद आसपास के लोगों को प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के लिए 30 से 40 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अनावश्यक बर्बादी होती है। इसलिए बेनीपुर अनुमंडल और न्यायिक क्षेत्र के विस्तार की आवश्यकता है।

ज्ञापन में विधायक ने बिहार के नवसृजित 201 प्रखंड डिग्री महाविद्यालयों में मैथिली और उर्दू के साथ संस्कृत विषय की पढ़ाई भी शुरू करने की मांग की। उनका कहना था कि संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल भाषा है और इसकी पढ़ाई को बढ़ावा मिलने से विद्यार्थियों को अध्ययन एवं शोध के नए अवसर प्राप्त होंगे।

इसके अलावा विधायक ने प्रखंड क्षेत्र के हरिपुर गांव के 50 से अधिक महादलित भूमिहीन परिवारों की समस्या भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि ये परिवार वर्षों से चीनी मिल की भूमि पर बसे हुए हैं। ऐसे में उन्हें उसी भूमि पर अथवा किसी अन्य सरकारी भूमि पर बासगीत पर्चा उपलब्ध कराकर स्थायी रूप से पुनर्वासित किया जाना चाहिए।

विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई तथा सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार संवेदनशील है और सभी प्रस्तावों पर समुचित विचार किया जाएगा।