जगतवीर राय को न्याय दिलाने की मांग को लेकर समाहरणालय पर हल्ला बोल, पप्पू यादव ने दी चक्का जाम आंदोलन की चेतावनी

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

जगतवीर राय न्याय दो संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं हल्ला बोल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लाल बाबू सहनी ने की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “हत्यारा दरोगा राजा सिंह को फांसी दो” तथा “हत्यारा दरोगा राजा सिंह को बचाने वाला एसएसपी शर्म करो” जैसे नारों के साथ प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

धरना को संबोधित करते हुए सांसद Rajesh Ranjan (Pappu Yadav) ने कहा कि बिहार में भय और आतंक का माहौल बना हुआ है तथा हत्या, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष लोगों को निशाना बना रही है। जगतवीर राय की हत्या को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस, अपराधी और नेताओं के गठजोड़ के कारण मामले को दबाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो व्यापक चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्यपाल से मिलकर न्याय की मांग उठाने की बात भी कही।

पूर्व विधायक Maheshwar Prasad Yadav ने कहा कि जगतवीर राय हत्याकांड को प्रभावशाली राजनीतिक संरक्षण के जरिए रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है और जनता अपने अधिकारों तथा न्याय की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतर चुकी है।

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे युवा नेता प्रभात किरण ने कहा कि जब तक जगतवीर राय को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी सरकारी व्यवस्था आरोपी दरोगा राजा सिंह को बचाने में लगी हुई है, जिससे युवाओं और आम लोगों में भारी आक्रोश है।

धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक केदारनाथ प्रसाद, राजद नेता जयशंकर प्रसाद यादव, मो. इफ्तेखार आलम, माले नेता जितेंद्र यादव, कांग्रेस नेत्री जूही प्रीतम, पूर्व प्रमुख मंगल यादव, संयोजक सुनील कुमार राय, कलेश्वर यादव, रामबाबू सिंह, राम सज्जन राय, राजा यादव, कुणाल सिंह, दीनबंधु क्रांतिकारी, धीरज कुमार, हुक्मदेव यादव, शिवनाथ पासवान, अजय यादव, जयप्रकाश यादव, रामनरेश साह, राजेश्वर राय, छात्र नेता दीपक ठाकुर तथा आलोक कुमार समाजवादी समेत बड़ी संख्या में सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

धरना के अंत में संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।