दरभंगा में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, स्कूल-कॉलेजों के 500 मीटर दायरे को बनाया जाएगा ड्रग मुक्त क्षेत्र,

दवा दुकानों की जांच होगी दोगुनी, पुलिस-मद्यनिषेध और जीएसटी विभाग के साथ संयुक्त छापेमारी के निर्देश

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

जिले में नशे के कारोबार और मादक पदार्थों के अवैध उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर सोमवार को समाहरणालय में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में नशा उन्मूलन अभियान को और तेज करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बैठक में जिलाधिकारी ने सहायक औषधि नियंत्रक एवं सभी औषधि निरीक्षकों को दवा दुकानों के निरीक्षण अभियान को वर्तमान स्तर से दोगुना करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित दवाओं, नशीले टैबलेट और कफ सिरप की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि औषधि निरीक्षकों के लिए तत्काल एक अलग कक्ष उपलब्ध कराया जाए, ताकि छापेमारी के दौरान जब्त की गई दवाओं को सुरक्षित रखा जा सके। बैठक में औषधि विभाग के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाओं और कफ सिरप की अवैध बिक्री से जुड़ी सूचनाएं साझा कीं, जिस पर वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने संबंधित थानाध्यक्षों को लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि औषधि निरीक्षक आवश्यकता पड़ने पर मद्यनिषेध विभाग, स्थानीय पुलिस तथा जीएसटी अधिकारियों के साथ संयुक्त जांच और छापेमारी अभियान चलाएंगे। इसके माध्यम से नशीली दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री और आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशे पर विशेष निगरानी

बैठक का सबसे अहम फैसला शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे के बढ़ते खतरे को रोकने को लेकर लिया गया। जिलाधिकारी ने जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर दायरे को “ड्रग मुक्त क्षेत्र” घोषित कर सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र में औषधि निरीक्षकों तथा अन्य क्षेत्रों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को सर्वेक्षण कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने का आदेश दिया गया।

उन्होंने अधिकारियों को आम लोगों, लाइसेंसधारी दवा दुकानदारों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं के माध्यम से खुफिया जानकारी जुटाने तथा स्वयं क्षेत्र में भ्रमण कर औचक जांच करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि समिति के कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में नशा मुक्त दरभंगा के लक्ष्य को लेकर सभी संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई करने पर बल दिया गया।