भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर दरभंगा में विरोध, दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने समेत कारवाई की मांग

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा

भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर दरभंगा में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। समाजसेवी प्रियंका झा के नेतृत्व में शहर में आक्रोश मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

मार्च के दौरान प्रियंका झा ने पुलिस की कार्रवाई को “कायरतापूर्ण रवैया” बताते हुए कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने भरत भूषण तिवारी की हत्या की है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों का निलंबन मात्र औपचारिक कदम है और इसे किसी भी तरह से पर्याप्त सजा नहीं माना जा सकता।प्रियंका ने कहा कि निलंबन कोई सजा नहीं हे।

उन्होंने मांग की कि संबंधित पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए तथा पुलिस महानिदेशक स्तर से पूरे मामले की निष्पक्ष और ठोस जांच सुनिश्चित की जाए। प्रियंका झा ने आरोप लगाया कि बेगूसराय में एक महिला के साथ हुए दुष्कर्म मामले के वास्तविक अपराधियों पर कार्रवाई करने में विफल रही पुलिस ने निर्दोष एवं समाजसेवी भरत तिवारी को निशाना बनाकर अपनी पीठ थपथपाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि मामले की न्यायिक जांच अविलंब  कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी व्यक्तियों को कानून के अनुसार दंड मिल सके। प्रियंका झा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन में किसी भी व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया से बाहर जाकर दंडित करना स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना और न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है।प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले में पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।

प्रियंका ने कहा कि बेगूसराय में दरिंदों ने एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया ,अपराधी अब तक पकड़े नहीं गये लेकिन निर्दोष भरत पर पुलिस ने गोली चला दी ,गोली अगर मारना ही हे तो बेगूसराय के मामले में बलात्कारियों को गोली मारे ?